Modi Xi Jinping Meeting: सीमा, व्यापार और रिश्तों पर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। ब्रिक्स (BRICS) समिट से अलग हुई इस वार्ता में दोनों नेताओं ने सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन, लोगों के बीच संपर्क और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग के साथ यह मुलाकात सीमा पर तनाव के बाद सुधरते द्विपक्षीय संबंधों के बीच आयोजित हुई।
सीमा पर शांति और तीन ‘आपसी’ सिद्धांत
बैठक में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और आपसी सहमतियों का पालन करने पर बल दिया। पीएम मोदी ने रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए तीन ‘आपसी’ सिद्धांतों का उल्लेख किया, जिनमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित शामिल हैं।
सीमा विवाद के निष्पक्ष समाधान पर जोर
दोनों नेताओं ने सीमा विवाद का निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके लिए दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों और जनभावनाओं को ध्यान में रखने की बात कही गई। मोदी और जिनपिंग ने माना कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए और संबंधों को लंबे समय के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
व्यापार, सप्लाई चेन और जनसंपर्क पर चर्चा
वार्ता के दौरान आर्थिक व व्यापारिक संबंधों, व्यापार असंतुलन और सप्लाई चेन की चिंताओं पर विस्तार से बात हुई। दोनों देशों ने एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करते हुए बाजार तक आसान और भरोसेमंद पहुंच बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापार और लोगों की आवाजाही को और बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई।
वैश्विक सहयोग और ब्रिक्स 2026 में समर्थन
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा सहमति बनाने और मिलकर चुनौतियों का मुकाबला करने पर सहमति जताई। अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली मुलाकात के बाद से भारत-चीन संबंधों में लगातार सुधार देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में चीन के सहयोग और 2026 ब्रिक्स समिट को सफल बनाने में दिए गए उसके योगदान की भी सराहना की।



