प्रार्थना सभा पर नया नियम, हिंदुओं की एंट्री पर रोक; ईलाज के नाम पर घर नहीं जा सकेंगे मसीही समाज के सदस्य

धमतरी। धमतरी के कलेक्ट्रेट कार्यालय में 16 सितंबर की शाम शांति समिति की बैठक हुई। अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह देहारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिंदू संगठनों और ईसाई समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में जिले में होने वाली ईसाई प्रार्थना सभाओं को लेकर कई निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि धमतरी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ईसाई प्रार्थना सभाओं में केवल ईसाई समाज के लोग शामिल होंगे। किसी हिंदू के प्रार्थना सभा में शामिल होने पर इसकी सूचना प्रशासन को दी जाएगी और मामले को धर्मांतरण के प्रावधानों के तहत जांच के लिए लिया जाएगा। हालांकि, यह बात बैठक में लिए गए निर्णय के रूप में सामने आई है।
इलाज और सहायता के नाम पर जाने पर भी रोक
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ईसाई समाज के लोग हिंदू परिवारों के घर इलाज, सहायता या अन्य किसी उद्देश्य से नहीं जाएंगे। ऐसा पाए जाने पर शिकायत प्रशासन से की जा सकेगी। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक में प्रार्थना सभाओं और बाइबल कोर्स में हिंदू बच्चों की भागीदारी को लेकर भी आपत्तियां रखीं।
हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर ने कहा कि जो लोग ईसाई धर्म अपनाना चाहते हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी जानकारी शासन-प्रशासन को देनी चाहिए। उन्होंने बपतिस्मा की प्रक्रिया और मतांतरण की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी रखी।
ईसाई समाज ने कहा- स्वेच्छा से आने वालों पर रोक नहीं
बैठक में ईसाई समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की ओर से चंगाई सभा आयोजित नहीं की जाती। उनके अनुसार लोग एक स्थान पर एकत्र होकर प्रार्थना करते हैं और किसी का मतांतरण नहीं कराया जाता। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाना चाहता है, वह कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
बैठक में एएसपी डीसी पटेल, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 के तहत धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में प्रक्रिया और दंड के प्रावधान तय किए गए हैं।



