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JPSC विवाद: छात्र आंदोलन के बीच तीन सदस्यों का इस्तीफा मंजूर

रांची। छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपना इस्तीफा राज्यपाल संतोष गंगवार को भेजा था। राज्यपाल ने तीनों के इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

5 घंटे से ज्यादा चली सरकार और छात्रों की बैठक

छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच पांच घंटे से ज्यादा समय तक बैठक हुई। इस दौरान तीन दौर में बातचीत की गई। हालांकि, सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।

सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। वहीं, छात्र संगठनों का कहना है कि कई अहम मांगों पर अभी कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है।

14वीं JPSC PT रद्द, लेकिन छात्र संतुष्ट नहीं

सरकार ने 14वीं JPSC PT यानी रेगुलर और बैकलॉग प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। इसके बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं।

छात्रों का कहना है कि दूसरी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर भी उनकी मांगें हैं। इन पर अभी स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है।

सरकार ने किन मांगों पर क्या फैसला लिया?

सरकार की ओर से बताई गई प्रमुख बातों के मुताबिक:

  • 14वीं JPSC PT (रेगुलर और बैकलॉग) रद्द की जाएगी।
  • ACF परीक्षा रद्द की जाएगी।
  • FRO परीक्षा की जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर परीक्षा रद्द की जा सकती है।
  • TDPL एजेंसी की ओर से कराई गई भर्ती परीक्षाओं की जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित परीक्षा रद्द की जा सकती है।
  • JSSC CGL की दोबारा जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
  • JSSC में सुधारों को लेकर सरकार तैयार है।
  • CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बनी है। हालांकि, CID जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर ED से जांच कराने की बात सरकार ने कही है।

सोमवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा का घेराव

सरकार और छात्रों के बीच पूरी सहमति नहीं बनने के बाद छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। छात्र सोमवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा का घेराव करेंगे। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने की बात कही गई है।

छात्र संगठनों का कहना है कि बाकी मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और छात्रों के विधानसभा घेराव के ऐलान के बाद सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।

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