मानसून सत्र खत्म, रिजिजू बोले- राज्यसभा 39% तो लोकसभा

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि इस सत्र में राज्यसभा की उत्पादकता 39 फीसदी रही, जबकि लोकसभा की उत्पादकता सिर्फ 19 फीसदी रही। रिजिजू ने कहा कि विपक्षी सांसदों के हंगामे और कई बार सदन से बाहर चले जाने के कारण कामकाज प्रभावित हुआ।
12 विधेयक लोकसभा में हुए पारित
रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में कुल 12 विधेयक पारित किए गए। हालांकि, सिर्फ एक विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हो सकी। वहीं, राज्यसभा में सभी विधेयकों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि एनडीए के ज्यादातर दलों के सांसद और कुछ विपक्षी दलों के सांसद बहस और चर्चा में शामिल हुए। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों के सांसद कई बार हंगामा करते रहे और सदन से बाहर भी चले गए।
पेपर लीक रोकने वाले विधेयक पर हुई चर्चा
लोकसभा में इस सत्र के दौरान जिस एक विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हुई, वह लोक परीक्षा (अनुचित तरीकों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 था। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और दूसरे अनुचित तरीकों को रोकने से जुड़ा है।
इस संशोधन का मकसद पेपर लीक, परीक्षा में संगठित नकल और अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को और सख्त करना है। यह 2024 के मौजूदा कानून में संशोधन करता है। संसद ने जुलाई के आखिर में इस विधेयक को मंजूरी दी थी।
रिजिजू का विपक्ष पर हमला
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने संसदीय अनुभव में उन्होंने पहली बार विपक्ष को चर्चा से बचते हुए देखा। उन्होंने कहा कि सरकार अहम मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन लगातार हंगामे के कारण सदन का काफी समय बर्बाद हुआ।
12 विधेयक पारित होना उपलब्धि, लेकिन चर्चा कम हुई
रिजिजू ने कहा कि सरकार सत्र को दो नजरियों से देखती है। विधायी कामकाज के लिहाज से 12 विधेयकों का पारित होना उपलब्धि है। हालांकि, बहस और चर्चा के लिए उपलब्ध समय का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो सका।



