साबरमती से वेरावल जा रही वंदे भारत पर उठे सवाल

देश की सबसे प्रीमियम और आधुनिक ट्रेनों में शुमार वंदे भारत एक्सप्रेस की खस्ताहाल स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है। 2 अक्टूबर को साबरमती से वेरावल के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या- 26901) में सफर कर रहे एक यात्री ने ट्रेन के टूटे शीशों और जंग लगे टॉयलेट की तस्वीरें शेयर कर रेलवे की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए मरम्मत कराई और वीडियो जारी कर समस्या के समाधान की जानकारी दी।
साबरमती-वेरावल वंदे भारत में क्या दिखा?
खुद को रेल फैन बताने वाले यात्री हिमांशु मुखर्जी 2 अक्टूबर को साबरमती-वेरावल वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान उन्होंने देखा कि ट्रेन के बाहरी शीशे टूटे हुए थे और अंदर बाथरूम में टॉयलेट के लोहे पर जंग लगा हुआ था। उन्होंने इन दोनों तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वेस्टर्न रेलवे में भारत की सबसे खस्ताहाल वंदे भारत देखने को मिलेगी।
रेलवे का त्वरित एक्शन और बयान
मामला सामने आने के बाद वेस्टर्न रेलवे के DRM अहमदाबाद ने तुरंत जवाब जारी किया। रेलवे ने माना कि वंदे भारत पर दिखे इस तरह के दाग भारतीय रेलवे के मानकों को शोभा नहीं देते। DRM ने बताया कि मेंटेनेंस स्टाफ ने तत्काल ट्रेन की मरम्मत कर दी है और शिकायत का समाधान कर दिया गया है। रेलवे ने मेंटेनेंस के बाद का एक वीडियो भी शेयर कर स्थिति साफ की।
मेंटेनेंस और सिविक सेंस पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि क्या सिस्टम सिर्फ आधुनिक ट्रेनें बनाना जानता है, उन्हें मेंटेन करना नहीं? वहीं दूसरी तरफ लोगों ने यात्रियों के सिविक सेंस पर भी सवाल खड़े किए कि ट्रेन को नुकसान पहुंचाने वाले भी यात्री ही हैं। कुछ यूज़र्स का कहना था कि भविष्य में शुरू होने वाली बुलेट ट्रेन को भी कड़ी सुरक्षा की जरूरत होगी, वरना उसकी हालत भी ऐसी ही हो जाएगी।



