खास खबर: दो कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की भीड़ से भी दिखा भाजपा में बदलाव का बड़ा नजारा

रायपुरrealtime भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बदले जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी जोश भर गया है। इसकी बानगी बदलाव के बाद हुए दो बड़े कार्यक्रमों में नजर आई है। पहले हल्ला बोल में ऐतिहासिक भीड़ आई और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई किताब के सेमिनार में केंद्रीय मंत्री अमित शाह आए तो दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में जहां कार्यकर्ता अलग ही उत्साह में नजर आए, वहीं मंच का नजारा भी बदला हुआ दिखा।
भाजपा ने मिशन 2023 को देखते हुए राष्ट्रीय नेताओं के कहने पर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करने की रणनीति बनाई है। इसी के तहत सबसे पहले यहां पर प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय को बदलकर बिलासपुर के सांसद अरूण साव को नया प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के स्थान पर नारायण सिंह चंदेल को नेता प्रतिपक्ष की कमान सौंपी गई। आगे अभी और बदलाव होने हैं। जहां प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी बनेगी, वहीं मोर्चा, प्रकोष्ठ के साथ जिलाध्यक्षों में भी बदलाव होगा। लेकिन दो ही बदलाव में कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
कार्यकर्ता बदलाव से भारी खुश
प्रदेश संगठन में बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण जानकार यह बता रहे हैं कि कार्यकर्ता पुराने चेहरों को लेकर लगातार नाराज रहे हैं। कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण ही भाजपा को पिछले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, यह बात भी राष्ट्रीय नेताओं के सामने आईं। इसके बाद ही बदलाव का फार्मूला अपनाया गया। बदलाव होते ही कार्यकर्ता खुश हो गए हैं। कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी का इजहार दो कार्यक्रमों में भारी संख्या में शिरकत करके किया है। सबसे पहले भाजयुमो का 24 अगस्त को रायपुर में हल्ला बोल कार्यक्रम हुआ। इसमें पूरे प्रदेश भर से कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचे और कार्यक्रम को सफल बनाकर यह संदेश देने का प्रयास किया कि राष्ट्रीय संगठन ने जो बदलाव किया है, उससे कार्यकर्ता किसने उत्साहित हैं। इसके बाद रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई किताब के सेमिनार में कार्यकर्ता भारी संख्या में पहुंचे। इस सेमिनार का आयोजन करने वाले पदाधिकारियों को ही इस बात की उम्मीद नहीं थी कि इतनी ज्यादा संख्या में कार्यकर्ता पहुंच जाएंगे। इनको तो कुर्सियों खाली रह जाने का डर भी था, लेकिन कुर्सियां कम पड़ गईं और भारी संख्या में कार्यकर्ता ऑडिटोरियम के बाहर परिसर में एलईडी पर अमित शाह को सुनते रहे।
मंच का भी बदला नजारा
ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में पहली बार मंच का नजारा भी बदला हुआ नजारा। मोदी पर आई किताब के लिए प्रचार-प्रसार समिति बनाई गई है। इसका जिम्मा भाजयुमो के सहप्रभारी और भाजपा प्रवक्ता ओपी चौधरी को सौंपा गया है। कार्यक्रम में मंच संचालन वही कर रहे थे। ऐसा पहली बार हुआ कि श्री चौधरी ने एक बार नहीं कई बार यह बात कही कि जो मंच पर अपेक्षित नहीं हैं, वो बार-बार यहां न आएं। उनके इतना कहते ही कार्यकर्ता इतने ज्यादा खुश हुए कि तालियां बजाने लगे। यही नहीं जो नेता मंच पर अपना चेहरे दिखाने आ रहे थे, उनको मंच ने नीचे जाना पड़ा। कार्यकर्ता तो ओपी चौधरी जिंदाबाद के भी नारे लगाने लगे, लेकिन श्री चौधरी ने इसके लिए कार्यकर्ताओं को मना किया। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया से सबके चेहरों पर मुस्कान भी आ गई।



