महापुराण कथा सुनने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

धमतरी। अपने उद्बोधन में उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा को प्रणाम करते हुए कहा कि विधायक और छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सभी लाखों की संख्या में सभी और बहनों सबसे पहले में नमन करता हूं।यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है इस माता कौशल्या की धरती में इतना बड़ा शिव पुराण कथा का आयोजन में पूज्य प्रदीप मिश्रा पहुंचे हैं। इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।दूर दराज से लाखों की संख्या में यहां पर हम सब लोगों को उपस्थित हो पा रहे हैं। वैसे तो छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है और ऋषि मुनियों का धाम है भगवान राम अपने 14 साल के वनवास काल का अधिकांश समय हमारे छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में बिताए। यही छत्तीसगढ़ है जहां पर शिवरीनारायण है, जहां पर सबरी माता का धाम है जहां पर भगवान झूठे बेर खाए थे। छत्तीसगढ़ में यहां पर भोले बाबा अलग-अलग जगह में अलग-अलग नाम से विराजित है। राजिम में कुलेश्वर महादेव है। वनवास काल में भगवान राम और माता सीता प्रवेश के पहले महानदी और पैरी नदी का जो संगम है वहां पर महादेव की स्थापना करके भगवान शिव की पूजा करके दंडकारण्य में प्रवेश किए थे। कहीं पर भोरमदेव,कहीं पर पातालेश्वर आदि नाम से भगवान शिव छत्तीसगढ़ में विराजे हैं।हम सब लोगों के लिए सौभाग्य की बात है और निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के लिए जो महाराज जी का छत्तीसगढ़ की धरती में बारंबार आगमन हो रहा है। निश्चित रूप से हम कह सकते हैं कि छत्तीसगढ़ के अंदर में अध्यात्म का विकास हो रहा है। लोगों में धर्म और प्रगाढ़ हो रहा है। आप सब हिंदू माता बहनों बंधुओं से मेरा यही आग्रह होगा छत्तीसगढ़ के अंदर में जो धर्मांतरण का काम चल रहा है अगर हम सब लोग अपने प्रयास से यहां से कथा सुनकर ऊर्जा लेकर जाए और अगर अपने प्रयास से अपने-अपने क्षेत्र में धर्मांतरण को रोक पाए। गौ हत्या को रोक पाए तो इस तरह से कथा सुनने का सार्थकता और बढ़ जाएगा।मैं आप सभी लोगों से आग्रह करना चाहूंगा कि आज जो छत्तीसगढ़ है असामाजिक तत्वों के लोग हमारे सनातन को कमजोर करने के लिए जुटे हुए हैं।और जहां पर थोड़ी अज्ञानता है अशिक्षा है थोड़ी गरीबी है ऐसी जगह को देखकर वहां पर धर्मांतरण का काम करते हैं मुझे बड़ा अफसोस होता है कि पहले ट्राईबल लोग उनके पास भुखमरी होती थी पेट के कारण धर्मांतरण करते थे लेकिन आज शिक्षित है संपन्न है ऐसे समझ में भी धर्मांतरण का काम जोरों पर चल रहा है। देश के अंदर में धर्मांतरण रुकना हम सभी हिंदू भाई बहनों का भी दायित्व है कि हम सब लोग प्रयास करें कि अपने अगल-बगल आसपास धर्मांतरण नहीं हो। हम लोग अपने हिंदू भाइयों से लगातार संपर्क में रहे तो निश्चित रूप से धर्मांतरण रुकेगा और कोई ना कोई ऐसा काम करें जिसे धर्मांतरण, गो हत्या बंद हो।



