जेपी नड्डा की अचानक क्यों बिगड़ी तबीयत? एम्स में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने दिया ये बड़ा हेल्थ अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी महसूस होने के बाद 13 अगस्त की शाम दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनकी जांच की गई, जिसमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल थी। एम्स के मुताबिक, उनकी हालत अभी स्थिर है और उन्हें निगरानी के लिए कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती रखा गया है।
बेचैनी के बाद कराई गई जांच
एम्स की ओर से जारी बयान में बताया गया कि जेपी नड्डा की 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद जांच की गई। इस दौरान कोरोनरी एंजियोग्राफी भी की गई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
अस्पताल ने कहा कि नड्डा को डॉक्टरों की निगरानी में कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया है।
राहुल गांधी ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की
जेपी नड्डा की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नड्डा के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अस्वस्थ होने और एम्स में भर्ती होने की जानकारी मिली है। उन्होंने नड्डा के सफल उपचार और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बीजेपी अध्यक्ष भी रह चुके हैं नड्डा
जेपी नड्डा बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। फिलहाल वह केंद्र की लगातार तीसरी मोदी सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं।
नड्डा का संबंध हिमाचल प्रदेश से है। उनका जन्म 2 दिसंबर 1960 को बिहार के पटना में हुआ था। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बीए और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की।
1989 में ABVP के राष्ट्रीय सचिव बने
जेपी नड्डा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से की। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के आंदोलनों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। 1989 में उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया।
इसके बाद 1991 में वह बीजेपी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष चुने गए। 1993 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव जीता और विपक्ष के नेता बने। इसी के साथ उनकी चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका शुरू हुई।
2010 में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बने
2010 में जेपी नड्डा को बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। इसके बाद 2012 में वह पहली बार राज्यसभा के सदस्य चुने गए।



