कम वोटों से जीतने वाले प्रत्याशी

लोकसभा : लोकतंत्र में चुनाव लोकसभा का हो या विधानसभा का सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले प्रत्याशी यानी सबसे बड़ी जीत और हार की चर्चा जरूर होती है. जैसे बजट में लोग जानना चाहते हैं कि क्या सस्ता और क्या महंगा हुआ उसी तरह से चुनावी नतीजे आने के बाद कौन जीता कौन हारा? और सबसे बड़ी जीत और सबसे छोटी जीत की खबर भी सुर्खियों में आ जाती है. खासकर लोकसभा चुनावों में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले राष्ट्रीय फलक पर भारतीय राजनीति में नया कीर्तिमान बनाते है. वहीं 2024 के लोक सभा चुनावों में सबसे कम वोटों से जीतने वाले प्रत्याशी भी अलग से चर्चा में रहते हैं.
सबसे छोटी जीत
2024 के लोकसभा चुनावों में सबसे छोटी जीत का रिकॉर्ड महाराष्ट्र में बना. शिवसेना नेता रवींद्र दत्ताराम वायकर मंगलवार को 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम अंतर से जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार बने. उन्होंने मुंबई उत्तर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार अमोल गजानन कीर्तिकर को मात्र 48 मतों के अंतर से हराया.
गौरतलब है कि शिवसेना में टूट से पहले ये दोनों नेता एक ही पार्टी में थे. दोनों के बीच अच्छी बातचीत थी. दोनों साथ काम करते थे. अब 2024 में दोनों एक दूसरे के आमने सामने चुनाव लड़े थे.
कांग्रेस की सबसे छोटी जीत
कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 99 सीटे जीती हैं. विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस ने 2019 में जीती गई 52 सीटों की तुलना में 99 सीटों पर जीत दर्ज की. राजस्थान और हरियाणा में बीजेपी की सीटे कम हुयी हैं. ‘इंडिया’ गठबंधन ने 232 सीटें जीतीं. कांग्रेस पार्टी के अदूर प्रकाश इस चुनाव में सबसे कम अंतर से जीत हासिल करने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं. उन्होंने केरल के अट्टिंगल से 684 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है.



