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आंबेडकर के मुद्दे पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा

  • तृणमूल कांग्रेस ने बाबा साहब के अपमान का आरोप लगाते हुए सदन से किया वॉकआउट
  • हंगामे को बढ़ता देख सभापति ने कार्यवाही को दिनभर के लिए किया स्थगित

नई दिल्ली। राज्यसभा की कार्यवाही बुधवार को हंगामे के भेट चढ़ गई। सुबह कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। फिर दो बजे कार्यवाही शुरू होते ही बाबा साहब आंबेडकर को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष ने अमित शाह के बयान पर सत्ता पक्ष से माफी मांगने की मांग की। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने बाबा साहब के अपमान का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया। सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही को गुरुवार सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

राज्य सभा में बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान को लेकर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने भाषण में बाबा साहेब के प्रति हमारे श्रद्धा भाव को स्पष्ट रूप से दशार्या। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने आंबेडकर का अपमान किया। कांग्रेस पार्टी ने इतने सालों तक उन्हें भारत रत्न नहीं दिया। 1952 में एक साजिश के तहत उन्हें चुनाव में हराया। कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के इतिहास को खत्म करने की कोशिश की। उन्हें सही स्थान नहीं दिया। इसके कारण आंबेडकर को पंडित नेहरू के कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब को सम्मान देने का काम किया गया है। उनके सम्मान में संविधान दिवस मनाने का काम किया। उनसे जुड़े सभी देश विदेश के स्थलों को तीर्थ भूमि के रूप में विकसित करने काम किया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बयान को ठीक से नहीं दिखाया गया है। कांग्रेस उनके 12 सेकंड की क्लिप को दिखाकर देश को गुमराह कर रही है। भाजपा के लिए बाबा साहेब पूजनीय हैं। वंदनीय हैं। किरेन रिजीजू के बयान का जवाब देने उठे सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा बाबा साहेब का मजाक उड़ाया है।  खरगे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमित शाह को देश से माफी मांगनी चाहिए।

संसद के बाहर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में खरगे ने कल सदन में संविधान पर बहस के दौरान शाह द्वारा की गई टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने (अमित शाह) विपक्षी सदस्यों से कहा था कि जितनी बार वे (विपक्षी सदस्य) बाबा साहेब का नाम लेते हैं, अगर उतनी बार वे भगवान का नाम लेंगे तो उन्हें सात बार स्वर्ग मिलेगा। खरगे ने कहा कि इससे पता चलता है कि गृहमंत्री खुद डॉ. आंबेडकर के संविधान का सम्मान नहीं करना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी से पूरे देश में गुस्सा फैल सकता है, क्योंकि कोई भी डॉ. आंबेडकर और देश के संविधान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि शाह को इस्तीफा देना चाहिए और डॉ. आंबेडकर का अपमान करने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस की मांग नहीं है, बल्कि पूरे विपक्ष की मांग है। इस पर सदन में सत्ता पक्ष के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि गृह मंत्री का पूरा बयान नहीं दिखा कर एक 12 सेकंड की क्लिप को दिखा कर कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है। कांग्रेस ने जीते जी भी बाबा साहेब को सम्मान नहीं दिया। सत्ता में रहने के बावजूद उन्हें भारत रत्न नहीं दिया।

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