लुतरा शरीफ का 66वां सालाना उर्स: तैयारियां जोरों पर, 20 अक्टूबर से होगा शुरू - realtimes
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लुतरा शरीफ का 66वां सालाना उर्स: तैयारियां जोरों पर, 20 अक्टूबर से होगा शुरू

रायपुर: शहंशाहे छत्तीसगढ़ के नाम से मशहूर सूफी संत हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का 66वां सालाना उर्स 20 से 25 अक्टूबर 2024 तक लुतरा शरीफ में अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। कमेटी के सदर इरशाद अली ने बताया कि इंतेजामिया कमेटी, जो वक्फ बोर्ड द्वारा गठित है, इस 6 दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है।

प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा

20 अक्टूबर को सुबह 11 बजे परचम कुशाई मटका पार्टी पप्पू नौशाही, कामठी नागपुर के साथ उर्स का शुभारंभ होगा। शाम 3 बजे दरगाह से शाही संदल चादर निकाली जाएगी, जो दादी अम्मा की दरगाह, खम्हारिया में चढ़ाई जाएगी। पहले दिन रात 9 बजे नात मनकबत, तकरीर और कलाम-ए-पाक की तिलावत के साथ उर्स की आधिकारिक शुरुआत होगी।

21 अक्टूबर को दोपहर 12:40 बजे मजार ए पाक का गुस्ल, सलातो सलाम और शिजरा खानी होगी। शाम 3 बजे पुराने दरबार में संदल चादर और महफिल-ए-समा का आयोजन होगा, जिसमें दरबारी कव्वाल यासीन शोला अपने साथी कव्वालों के साथ सूफियाना कलाम पेश करेंगे।

मुख्य आकर्षण

उर्स के तीसरे दिन 22 अक्टूबर को दिल्ली के प्रसिद्ध रेडियो और टीवी सिंगर चांद अफजाल कादरी अपनी कव्वाली पेश करेंगे। 23 अक्टूबर को आल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन होगा, जिसमें देश के मशहूर शायर और कव्वाल शायरी और नात पेश करेंगे।

24 अक्टूबर को बिजनौर के कव्वाल रईस अनीस साबरी द्वारा कव्वाली की प्रस्तुति दी जाएगी। 25 अक्टूबर को उर्स के समापन पर रंग की महफिल और कुल की फातिहा के बाद सूफी संतों द्वारा प्रदेश की शांति और समृद्धि की दुआ की जाएगी।

शैक्षणिक और सामाजिक पहल

इस साल उर्स के दौरान “कलम का लंगर” लगाया जाएगा, जिसमें बच्चों को मुफ्त में किताबें और कॉपियां वितरित की जाएंगी। इसके साथ ही, समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “एक रोटी कम खाओ, मगर बच्चों को खूब पढ़ाओ” का संदेश दिया जाएगा।

कमेटी के नायब सदर मोहम्मद सिराज ने बताया कि इस बार सभी जिलों से बाबा के चाहने वालों को जोड़ा गया है। दरगाह परिसर में लगातार सुधार के साथ ही मुस्लिम एजुकेशन सिस्टम को भी उन्नत किया जा रहा है। मदरसे में बच्चों को मुफ्त भोजन, आवास और आधुनिक शिक्षा दी जा रही है।

प्रशासनिक निर्णय और सुरक्षा

प्रशासन और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस साल संदल चादर के साथ डीजे साउंड पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। दुकानदारों से इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की अपील की जाएगी।

समाजसेवा और सम्मान

इस बार उर्स के दौरान मुस्लिम समाज की भलाई के लिए काम करने वाली तंजीमों (संस्थाओं) और समाज प्रमुखों का भी सम्मान किया जाएगा। साथ ही, शिक्षा और जनचेतना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

कमेटी के सेक्रेटरी रियाज अशरफी ने बताया कि उर्स के दौरान शिरनी (प्रसाद) को घर-घर तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है ताकि हर श्रद्धालु तक इसका प्रसाद पहुंच सके।

उर्स के सफल आयोजन के लिए विशेष तैयारी

उर्स कमेटी के सरपरस्त और रायपुर निवासी एडवोकेट सैय्यद फैसल रिजवी, हाजी रंगराज, और अन्य पदाधिकारियों के निर्देशन में दरगाह लुतरा शरीफ की इंतेजामिया कमेटी पूरी तैयारी कर रही है। कमेटी के नायब सेक्रेटरी हाजी गुलाम रसूल साबरी, खजांची रोशन खान, और लंगर इंचार्ज मोहम्मद कुद्दूस सहित अन्य सदस्य इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

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