प्रदर्शनों के लिए बने बाहरी दिल्ली में जोन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र प्रदर्शन के कारण शनिवार को पूरी दिल्ली में सड़कों पर लंबा जाम लग गया और मुख्य बाजारों में बंदी जैसे हालात बन गए. मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे इस प्रदर्शन की वजह से दुकानों के शटर गिर गए और व्यापार-कारोबार पूरी तरह ठप हो गया. दिल्ली के शीर्ष व्यापारिक संगठन ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) के अनुसार, इस एक दिन के प्रदर्शन और अव्यवस्था के चलते दिल्ली के कारोबार को अकेले शनिवार को करीब 2000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है.
नवरात्रि और रामलीलाओं से ठीक पहले चरमराई अर्थव्यवस्था
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि और रामलीलाओं के त्यौहार से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में अचानक भयानक स्थिति पैदा कर दी गई है. शहर में लगभग लॉकडाउन जैसा माहौल बन गया है और अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. दिल्ली के प्रमुख थोक व खुदरा बाजार जैसे सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और भागीरथ प्लेस पूरी तरह बंद रहे, जिससे करोड़ों का लेन-देन ठप्प हो गया.
4 लाख बाहरी खरीदार ठप, मेट्रो बंद होने से बदला माहौल
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के बाजारों में रोजाना आसपास के राज्यों से लगभग 3 से 4 लाख खरीदार पहुंचते हैं. हालांकि, पुलिस की नाकेबंदी और भारी ट्रैफिक जाम के खौफ से बाहरी खरीदार शहर में प्रवेश ही नहीं कर पाए. वहीं स्थानीय नागरिक भी डर के मारे घरों से बाहर नहीं निकले. प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से शहर में सार्वजनिक आवाजाही ठप हो गई, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून और पेट्रोल पंपों जैसे सर्विस सेक्टर पर पड़ा और सभी बुकिंग्स पूरी तरह रद्द रहीं.
प्रदर्शन पर रोक और ‘परमानेंट प्रोटेस्ट जोन’ की मांग
बढ़ते नुकसान को देखते हुए सीटीआई के महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने मांग की है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए दिल्ली के मुख्य क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर तुरंत रोक लगाई जाए. व्यापारियों ने सुझाव दिया कि भविष्य के सभी आंदोलनों के लिए बाहरी दिल्ली में एक निश्चित ‘परमानेंट प्रोटेस्ट जोन’ बनाया जाना चाहिए, ताकि रोजाना होने वाले अरबों रुपये के कारोबारी नुकसान से दिल्ली की जनता और व्यापारियों को हमेशा के लिए निजात मिल सके.
क्यों बनी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति?
दरअलस, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की अनुमति का मामला अभी अदालत में लंबित है और इस पर फैसला आना बाकी था. लेकिन अदालती फैसले से पहले ही CJP ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन का ऐलान कर दिया. वहीं पुलिस प्रशासन ने इस बिना-इजाजत प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद दिल्ली की सड़कों पर पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की नौबत आ गई और पूरी राजधानी में सुरक्षा कारणों से भारी कड़ाई करनी पड़ी.


