मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में 3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित चार दिवसीय ‘मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) के 7वें संस्करण का शनिवार को समापन हुआ। इस चार दिवसीय आयोजन में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
जनसम्पर्क अधिकारी अनुराग उइके ने जानकारी देते हुए बताया कि एमपीटीएम-2026 राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
इस महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई।
आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं।
इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें हुईं।
इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया।
34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल
ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए।
अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने आयोजन में हिस्सा लिया। ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए।
इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्य प्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला।
प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया।
सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रुपये का निवेश एमओयू
निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया।
कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।
बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रुपये का वन्य जीव निवेश
प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रुपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
कंपनी के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल
एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए।
आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए।
निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रुपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रुपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए।
सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा।
ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, साथ ही अन्य स्थलों पर 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश होगा।
‘मां की रसोई’ में महका पारंपरिक स्वाद, ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ से बिखरी सांस्कृतिक छटा
आतिथ्य भोज के दौरान ‘मां की रसोई’ में देशी-विदेशी मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
वहीं सांस्कृतिक संध्या में मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ ने भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती से होते हुए सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
केन्या के आर-12 अफ्रीका के निदेशक रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के नवनीत मित्तल ने मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का शानदार मंच बताया।
इंदौर के कालाकुंड से सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने कहा कि इस आयोजन ने उनके स्थानीय आतिथ्य को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दी है।



