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खास खबर: प्रीपेड मीटर के लिए बकायेदारों को मिलेगी किस्तों में भुगतान की सुविधा

रायपुर. प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं के मीटरों काे बदलकर इस साल स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसी के साथ सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन पोस्टपेड से प्रीपेड हो जाएंगे। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बकाया है, उसके लिए दो तरह की योजनाएं बनाई जा रही हैं। पहली योजना में सुरक्षा निधि से बकाया काटा जाएगा। जिनका बकाया ज्यादा होगा, उनको किस्तों में भुगतान करने की सुविधा मिलेगी, क्योंकि किसी को भी बिजली की सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता है।
केंद्र सरकार ने देश के हर राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का फरमान जारी किया है। इसका राजपत्र में भी प्रकाशन हो चुका है, ऐसे में कोई भी राज्य स्मार्ट मीटर लगाने से मना नहीं कर सकता है। अपने राज्य में इन मीटरों को लगाने के लिए टेंडर हो चुका है। इसका तकनीकी बीड खुल गया है और अप्रैल में रेट बीड भी खुलने की संभावना है। इसको लेकर तैयारी चल रही है।
बकायादार बड़ी समस्या
अभी प्रदेश में जो बिजली के उपभोक्ता हैं, उनमें से करीब दस लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका बिजली बिल बकाया है। इन उपभोक्ता का बकाया करीब दो हजार करोड़ है। कोरोना काल में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल जमा न करने वालों की बिजली नहीं काटी गई थी। अब बकायेदारों से वसूली का काम चल रहा है और जो बकाया जमा नहीं कर रहे हैं, उनकी बिजली भी काटी जा रही है। बकायादारों में लाखों की संख्या में बीपीएल उपभोक्ता भी हैं। इन्होंने बरसों से बकाया जमा नहीं किया है, लेकिन इनकी बिजली कभी कटती नहीं है। इनसे तो सुरक्षा निधि भी नहीं ली जाती है। बीपीएल के बकायेदारों से वसूली बड़ी समस्या होगी।
ज्यादा बकाया भी एक समस्या
छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने लिए कम राशि वाले बकायादार कोई समस्या नहीं है, क्योंकि हर उपभोक्ता का दो माह के बिजली बिल के बराबर सुरक्षा निधि की राशि जमा रहती है। जब स्मार्ट मीटर लगने के बाद कनेक्शन को प्रीपेड किया जाएगा तो कम राशि वाले बकायेदारों का बकाया सुरक्षा निधि से काट दिया जाएगा, जो पैसा बचेगा, वह वापस हो जाएगा। लेकिन जिनका बकाया सुरक्षा निधि के काटने के बाद भी बच जाएगा, उसकी वसूली के लिए पॉवर कंपनी ने कुछ किस्तों में भुगतान करने की सुविधा देने की योजना तैयार करने का फैसला किया है।

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