एनटीपीसी तालचेर प्लांट में बड़ा धमाका

ओडिशा के अनुगुल जिले के कणिहा स्थित एनटीपीसी तालचेर सुपर थर्मल पावर स्टेशन में शनिवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। संयंत्र के बंकर-बी में अचानक हुए जोरदार विस्फोट की चपेट में आने से कम से कम पांच श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के समय संयंत्र में कामकाज चल रहा था। धमाके के तुरंत बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत दल ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे पांचों श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए भेजा गया है। इनमें से तीन घायलों को तालचेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि दो श्रमिकों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भुवनेश्वर रेफर कर दिया गया। फिलहाल घायलों के स्वास्थ्य और पहचान के संबंध में कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं हुआ है।
सुबह काम के दौरान बंकर-बी में हुआ धमाका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह कर्मचारी बंकर-बी के पास काम कर रहे थे, तभी अचानक तेज धमाका हो गया। विस्फोट होते ही संयंत्र का सुरक्षा एवं राहत दल सक्रिय हुआ और झुलसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे के बाद संयंत्र के संबंधित हिस्से की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया है।
3000 मेगावाट क्षमता का है कणिहा संयंत्र
एनटीपीसी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कणिहा स्थित इस संयंत्र की कुल स्वीकृत क्षमता 3000 मेगावाट है। इसमें पहले चरण की 1000 मेगावाट और दूसरे चरण की 2000 मेगावाट क्षमता शामिल है। इस पावर प्लांट को कोयले की आपूर्ति तालचेर कोलफील्ड के लिंगराज ब्लॉक से की जाती है। यहां का कोल हैंडलिंग प्लांट रोजाना करीब 55,000 टन कोयला संभालता है, जिसके लिए 12 बंकर फ्लोर और 12 बंकर कन्वेयर कार्यरत हैं।
विस्फोट की वजह और सुरक्षा मानकों की होगी जांच
संयंत्र के कच्चे कोयले वाले बंकरों का इस्तेमाल कोयले के भंडारण और उसे मिलों तक भेजने के लिए होता है। विस्फोट तकनीकी खराबी, गैस के दबाव या किसी अन्य कारण से हुआ, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसके साथ ही बंकर की स्थिति, उपकरणों के संचालन और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की भी गहन जांच की जाएगी। फिलहाल प्राथमिक ध्यान घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर है।



