भोजपुर का भरत भूषण एनकाउंटर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: निष्पक्ष जांच की मांग, तीखे राजनीतिक बयानों से बिहार की सियासत में भूचाल - realtimes
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भोजपुर का भरत भूषण एनकाउंटर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: निष्पक्ष जांच की मांग, तीखे राजनीतिक बयानों से बिहार की सियासत में भूचाल

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में बीते 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के सामने एक जनहित याचिका दायर कर इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान यानी अपनी तरफ से सीधे कार्रवाई करने की मांग की गई है। वकील नरेंद्र मिश्रा की ओर से दायर इस याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट की देखरेख में मामले की निष्पक्ष जांच हो और मुठभेड़ को लेकर अदालत के तय नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुलिस के इस कदम से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, इसलिए इसकी जांच सीबीआई या किसी विशेष जांच दल से कराई जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें

मृतक भरत भूषण तिवारी के परिवार वालों और गांव के लोगों का साफ आरोप है कि भरत ने पुलिस के सामने सरेंडर यानी आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी बंदूक भी नीचे फेंक दी थी। इंटरनेट पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो भी इसी बात की तरफ इशारा कर रहे हैं। याचिका में बताया गया है कि भरत कोई आदतन अपराधी नहीं था, बल्कि वह पढ़ा-लिखा ग्रेजुएट था जो सोशल मीडिया के माध्यम से इलाके में बाढ़ और जनता की समस्याओं को उठाता था। लोगों का कहना है कि जब उसने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था, तो उस पर गोली चलाना पूरी तरह गैर-कानूनी है और यह सीधे तौर पर हत्या का मामला बनता है।

गठबंधन के नेताओं ने ही अपनी सरकार की पुलिस को घेरा

इस एनकाउंटर के बाद से बिहार की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। हर तरफ से बन रहे भारी दबाव के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में खास बात यह है कि बिहार सरकार के साथ चल रहे गठबंधन के बड़े नेता भी अपनी ही पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। जदयू नेता संजय कुमार झा ने कहा है कि वीडियो देखने के बाद पुलिस की कहानी पर गहरा शक होता है और सिर्फ कुछ पुलिसवालों को सस्पेंड करना काफी नहीं है। वहीं भाजपा नेता अश्विनी चौबे और आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने भी इसे एक फर्जी एनकाउंटर बताया है। हालांकि पुलिस अब भी दावा कर रही है कि भरत ने पहले गोली चलाई थी और जवाब में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी।

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