घर की छत पर लगा 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम, रोज बन रही 20 यूनिट बिजली: केंद्र-राज्य से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
State

घर की छत पर लगा 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम, रोज बन रही 20 यूनिट बिजली: केंद्र-राज्य से मिली ₹1.08 लाख की सब्सिडी

रायपुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर निवासी कृष्ण कुमार गुप्ता अब बिजली का उपयोग करने के साथ खुद भी बिजली बना रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाया है।

इससे प्रतिदिन करीब 20 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो उनके परिवार की घरेलू जरूरत से अधिक है। केंद्र और राज्य सरकार से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिलने से उन्हें सोलर सिस्टम स्थापित करने में आर्थिक मदद मिली।

कृष्ण कुमार गुप्ता प्रतापपुर रोड के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि पहले घर की बिजली जरूरतों के लिए सामान्य विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता था और हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना होता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने छत पर सोलर सिस्टम लगवाने का फैसला किया। अब सौर ऊर्जा से बिजली खर्च में राहत मिल रही है।

सब्सिडी से कम हुआ आर्थिक बोझ

कृष्ण कुमार के मुताबिक, योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कुल 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। इससे सोलर सिस्टम लगाने में होने वाले खर्च का बोझ कम हुआ। उन्होंने बताया कि इच्छुक परिवार जरूरत के अनुसार बैंक ऋण का विकल्प भी तलाश सकते हैं। ऋण की उपलब्धता और शर्तें संबंधित बैंक के नियमों पर निर्भर करती हैं।

दूसरों को भी सोलर सिस्टम लगाने की सलाह

सोलर सिस्टम लगने के बाद कृष्ण कुमार खुद को केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक के रूप में देखते हैं। घरेलू जरूरत से अधिक बिजली बनने से उन्हें खुशी है। वे दूसरे नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी योजना के माध्यम से लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे बिजली खर्च में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button