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कांग्रेस का PM से सवाल- गरीबों को सुविधा देना ‘रेवड़ी’ तो अमीरों को मुफ्त में दिए जाने वाले ‘गजक’ पर कब होगी बहस?

कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ‘रेवड़ी कल्चर’ वाले बयान पर घेरा है। कांग्रेस नेता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस से बात की। उन्होंने कहा, “देश में इस बार 14 जनवरी के पहले रेवड़ियों की चर्चा बहुत हो रही है। लेकिन समस्या यह है कि देश की सरकार को मुफ्त की रेवड़ियां तो दिखती हैं। लेकिन जो मुफ्त की गजक बंट रही है, वह उन्हें दिख नहीं रही है। आप कहेंगे कि रेवड़ी और गजक में क्या अंतर है? रेवड़ी गुड़, चाशनी, तिल और घी के मिश्रण से बनती है। उस एक मिश्रण से, जिससे एक गजक बनती है, उसमें सैकड़ों रेवड़ियां बन जाती हैं। अगर मुफ्त की रेवड़ियां खराब हैं तो मोदी जी मुफ्त की गजक कैसे अच्छी हो गई?”

उन्होंने कहा, “दूसरा बात यह है कि देश को रेवड़ी कल्चर नहीं, झूठ की गठरी कल्चर से मुक्त कराना है। आज पूरा डाटा के साथ मैं आपके सामने बात रखूंगा। मुफ्त कि रेवड़ियां खराब है और मुफ्त की गजक अच्छी? रेवड़ियां खराब और झूठ की गठरी कल्चर अच्छी? इस पूरे मुद्दें पर आज हम बात करेंगे।”

गौरव वल्लभ ने कहा, “खाद्य सुरक्षा अधिनियम यूपीए सरकार द्वारा 2013 में लाया गया और उसी को आधार बनाकर कोरोना काल में आपदा के समय केंद्र सरकार ने लोगों के घरों में राशन पहुंचाने का काम किया। 80 करोड़ लोगों को उससे लाभ मिला। मतलब 60 फीसदी देश की जनता को राशन पहुंचाने का काम खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत किया गया। मतलब यह कि यूपीए के दौरान जो खाद्य सुरक्षा अधिनियम बना उसके जरिए राशन पहुंचाने का काम हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आप एक तरफ आपदा के समय राशन दे रहे हो। दूसरी तरफ उस राशन को एमएसपी पर किसानों से खरीद रहे हो। वो तो हो गई रेवड़ी कल्चर।”

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