Bihar Flood: गंगा ने पार किया 2016 का उच्चतम जलस्तर

बिहार में बाढ़ के बिगड़ते हालात के बीच सम्राट सरकार ने 13 प्रभावित जिलों के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में बने गंभीर हालात को देखते हुए प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों में कैंप करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री और अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे। साथ ही स्थानीय लोगों से सीधे फीडबैक लेंगे।
गंगा के अलावा सोन, पुनपुन, सरयू और कोसी नदियों के जलस्तर में उफान से कई निचले इलाकों में पानी फैल गया है। कई जगह घरों, सड़कों और संपर्क मार्गों तक पानी पहुंच गया है। इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
13 जिले, 13 मंत्री संभालेंगे मोर्चा
सरकार के निर्देश के मुताबिक बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार और अरवल में प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव कैंप करेंगे।
इनका काम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करना होगा। वे स्थानीय लोगों से समस्याओं की जानकारी लेंगे और प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजामों को मौके पर देखेंगे। सरकार का जोर इस बात पर है कि राहत अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे।
किस जिले की जिम्मेदारी किस मंत्री को
| जिला | प्रभारी मंत्री |
|---|---|
| बक्सर | नंद किशोर राम |
| भागलपुर | नीतीश मिश्रा |
| पटना | विजय चौधरी |
| कटिहार | प्रमोद चंद्रवंशी |
| समस्तीपुर | दामोदर रावत |
| मुंगेर | संजय पासवान |
| बेगूसराय | रामकृपाल यादव |
| वैशाली | निशांत कुमार |
| सारण | बिजेंद्र प्रसाद यादव |
| खगड़िया | मदन सहनी |
| भोजपुर | अरुण शंकर प्रसाद |
| लखीसराय | सुनील कुमार |
| अरवल | दीपक प्रकाश |
मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में रहकर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करने और प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से बातचीत करने को कहा गया है।
गंगा ने पार किया 2016 का उच्चतम जलस्तर
बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा गंगा के जलस्तर से लगाया जा सकता है। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि गंगा अपने उच्चतम स्तर को पार कर गई है। उनके मुताबिक, इस बार नदी ने 2016 में दर्ज उच्चतम जलस्तर को भी पार कर लिया है।
विजय चौधरी ने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अलग-अलग जगहों पर अधिकारी और प्रशासनिक टीमें तैनात हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
पटना में तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर नजर
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ पटना को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। शहरी इलाकों और सुरक्षा तटबंध के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को अलर्ट रहने को कहा गया है। तटबंधों और संवेदनशील इलाकों में किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की तैयारी रखने के निर्देश हैं।
भोजन से पशु चारे तक की व्यवस्था
बाढ़ में फंसे लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासन को प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, सूखा राशन, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधा और जरूरी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। राहत शिविरों में जरूरी सुविधाओं की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां रह रहे लोगों को परेशानी न हो।
कई इलाकों में घरों और सड़कों तक पहुंचा पानी
लगातार बढ़ते नदी के जलस्तर से बिहार के कई जिलों के निचले इलाकों में पानी फैल गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की ओर जाना पड़ रहा है। कई जगह सड़क और संपर्क मार्ग प्रभावित होने से आवागमन भी मुश्किल हुआ है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जरूरत के मुताबिक राहत और बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।
अब मौके पर पहुंचकर होगी राहत की निगरानी
प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों के कैंप करने से राहत अभियान की निगरानी सीधे मौके से होगी। मंत्री प्रभावित इलाकों में जाकर राहत व्यवस्था की स्थिति देखेंगे। स्थानीय प्रशासन से राहत सामग्री, नाव, चिकित्सा सुविधा, भोजन, पेयजल और पशु चारे की उपलब्धता की जानकारी भी ली जाएगी।
बिहार में बढ़ते बाढ़ संकट के बीच 13 जिलों में मंत्रियों और अधिकारियों की कैंपिंग को सरकार के राहत और बचाव अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है।



