PM मोदी ने साहस-धैर्य को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
national

PM मोदी ने साहस-धैर्य को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नईदिल्ली। Prime Minister Narendra Modi प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भाग्य के प्रतिकूल होने पर भी कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि धैर्य और दृढ़ता से खोई हुई स्थिति को फिर से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक कुशल नाविक समुद्र के बीच में जहाज टूटने पर भी उम्मीद नहीं छोड़ता बल्कि तैरकर जीवित रहने का प्रयास जारी रखता है, उसी प्रकार दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से विपत्ति पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

Prime Minister Narendra Modi प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया-

“त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव।। ”

अर्थात भाग्य के प्रतिकूल होने पर भी धैर्य नहीं खोना चाहिए, क्योंकि धैर्य के द्वारा खोई हुई अनुकूल स्थिति को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। ठीक वैसे ही, जैसे समुद्र के बीच में जहाज टूट जाने पर भी एक कुशल नाविक हिम्मत नहीं हारता और अपने कर्म अर्थात जीवित रहने और तैरते रहने की कोशिश करता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर लिखा:

त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।। pic.twitter.com/m5PshMgvV6— Narendra Modi (@narendramodi) August 3, 2026

त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।।”

Related Articles

Back to top button