छत्तीसगढ़ में बंद मिला-जुला असर, साहू समाज ने रखी 8 मांग

कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
रायपुर: छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया। कांग्रेस ने सुबह से ही दुकानदारों और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज खुद रायपुर की सड़कों पर निकलकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते नजर आए।
कवर्धा कांड बना बंद का मुख्य कारण
कवर्धा में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में कांग्रेस ने यह बंद बुलाया। दीपक बैज ने राज्य के नागरिकों से बंद में शामिल होने की अपील की, लेकिन छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का समर्थन करने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि इतने कम समय में व्यापार बंद करना संभव नहीं है। इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला।
कवर्धा और अन्य जिलों में व्यापक असर
कवर्धा और उसके आसपास के जिलों में बंद का बड़ा प्रभाव दिखा। कबीरधाम जिले के कवर्धा, पंडरिया, पिपरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा जैसे कस्बों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। हालांकि व्यापारी संगठनों ने बंद को समर्थन नहीं दिया, लेकिन यहां स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इसी बीच, राज्य सरकार ने कवर्धा में कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए वहां के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया।
राज्य के अन्य हिस्सों में बंद का मिला-जुला असर
राज्य के अन्य क्षेत्रों में बंद का प्रभाव अलग-अलग रहा। बेमेतरा में कांग्रेस कार्यकर्ता सक्रिय रहे और दुकानों को बंद करवाने की कोशिश की। जिला अध्यक्ष बंशी पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बाजारों में घूमते रहे और व्यापारियों से प्रतिष्ठान बंद करवाए। बस्तर क्षेत्र में बंद का आंशिक असर रहा, जहां कुछ जगहों पर दुकानों को दोपहर तक बंद रखा गया।
भाटापारा और मनेन्द्रगढ़ में बंद का असर बहुत कम देखा गया। भाटापारा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के बीच बहस भी हुई, लेकिन अधिकांश दुकानें खुली रहीं। वहीं मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी में बंद का आंशिक असर देखा गया।
कांग्रेस का आरोप: सरकार कानून व्यवस्था पर नाकाम
कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी, महिलाएं, छात्र और आम जनता सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रोजाना हत्या, बलात्कार, लूट और डकैती जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने यह बंद मजबूरी में बुलाया है ताकि सरकार को जगाया जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे एक दिन का व्यापार और कामकाज बंद कर बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस के साथ खड़े हों।
साहू समाज ने रखी 8 मांग
साहू समाज ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन में 8 मांग रखी है
- पुलीस अधिक्षक अभिषेक पल्लव को निलंबित कर उनके ऊपर FIR दर्ज हो
- क्षेत्र का संबंधित थाना रेंगावार कला में पदस्थ टी.आई एवं संलिप्त पुलीस अधिकारी को बर्खास्त कर उनके ऊपर FIR दर्ज हो
- विडीयो क्लीप मे दिख रहे सभी दोषी पुलीस कर्मी को बर्खारत कर उन्हें उपर F.I.R दर्ज हो
- जो निर्दोष ग्रामीण महिला-पुरुष हैं जिनको जेल मे डाला गया है उन्हें रिहा किया जाये.
- शिवप्रसाद साहू, रघुनाथ साहू एवं प्रशांत साहू की मौत का न्यायीक जांच किया जाये
- कवर्धा जिला जेल के जेलर को बरखास्त कर उनके ऊपर FT.R दर्ज किया जाए
- मृत प्रशांत साह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
- शिवप्रसाद साहू, रघुनाथ साहू एवं प्रशांत साहू के परिवार को 1-1 करोड़ की मुवावजा राशि दिया जाए.
साथ ही समाज ने कहा है कि, उक्त मांग यदि एक सप्ताह के अंदर पुरी नहीं किया जाता है तो समाज की ओर से उग्र आंदोलन किया जायेगा, किसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।




