रियल टाइम्स की खबर पर मुहर, 5.3 फीसदी ही तय किया गया एफपीपीएएस शुल्क - realtimes
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रियल टाइम्स की खबर पर मुहर, 5.3 फीसदी ही तय किया गया एफपीपीएएस शुल्क

रायपुर(realtimes) रियल टाइम्स ने चार दिन पहले ही इस खबर काे प्रकाशित किया था कि इस बार छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने एफपीपीएएस के नए फार्मूले में अप्रैल माह के लिए 5.3 प्रतिशत का ही शुल्क तय  करेगी। हमारी खबर पर मुहर लगाते हुए पावर कंपनी ने शुल्क 5.3 प्रतिशत ही तय किया है। इसका आदेश भी कर दिया गया है। नए फार्मूले के कारण अब प्रदेश भर के बिजली उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। 400 यूनिट तक खपत करने वालों को इस बार महज 91.16 रुपए लगेंगे। इसमें भी बिजली बिल हॉफ योजना के कारण आधे पैसे ही देने पड़ेंगे।छत्तीसगढ़ के 61 लाख ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह साल काफी राहत भरा है। पहले टैरिफ में इजाफा नहीं किया गया, इसके बाद अब वीसीए के स्थान पर लाया गया एफपीपीएएस का नया फार्मूला भी राहत देना वाला है। बिजली उपभोक्ताओं से लिया जाने वाला वीसीए अब बंद कर दिया गया है। केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है।
यह है नया फार्मूला
नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। ऐसे में पहले माह अप्रैल के बिल में 5.3 फीसदी शुल्क लगेगा। यूं तो यह शुल्क 5.6 फीसदी के करीब था, लेकिन पांच फीसदी से ज्यादा शुल्क होने पर 95 फीसदी शुल्क ही लेने का प्रावधान तय किया गया है। ऐसे में पहले माह अप्रैल का शुल्क 5.3 फीसदी तय किया गया है। यह शुल्क वीसीए से काफी कम होगा। कम खपत करने वालों को कम और ज्यादा खपत करने वालों को थोड़ा ज्यादा शुल्क लगेगा। घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही लाभ मिलेगा और आधे पैसे लगेंगे। चार सौ यूनिट से ज्यादा में पूरे पैसे देने होंगे, जिस तरह से वीसीए में होता था।
कम खपत पर ज्यादा राहत
नए फार्मूले में बड़ा फायदा यह होगा कि इसमें वीसीए की तरह हर यूनिट पर एक ही तय शुल्क नहीं लगेगा। पिछला वीसीए 43 पैसे था तो सभी यूनिट पर 43 पैसे लगते थे, लेकिन नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है तो इस पर 5.3 प्रतिशत के हिसाब से 19.61 रुपए लगेंगे यानी एक यूनिट पर 20 पैसे से कम। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 40.28 रुपए लगेंगे यानी 20 पैसे से कुछ ज्यादा। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 68.37 रुपए लगेंगे यानी करीब 23 पैसे। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1720 रुपए है, इस पर 91.16 रुपए लगेंगे। इस पर भी प्रति यूनिट 23 पैसे आएंगे। चार सौ यूनिट तक जितने रुपए लगेंगे, घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल हॉफ योजना के कारण उसका आधा देना पड़ेगा। इसके बाद पूरे पैसे लगेंगे।

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