रासुका पर रार, रमन पर भूपेश का पलटवार  - realtimes
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रासुका पर रार, रमन पर भूपेश का पलटवार 

रायपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की अधिसूचना जारी होने पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने हाे गए हैं। 

डॉ. रमन सिंह ने कहा, प्रदेश सरकार से कानून व्यवस्था संभल नहीं रही है। आदिवासियों सहित हर वर्ग को कुचलने के लिए षड़यंत्र करके रासुका की अधिसूचना लागू की गई है। यह लोकतंत्र की हत्या है। इस पर पलटवार करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, रासुका केंद्र सरकार का कानून है। भाजपा इस कानून काे खत्म करा लें। 

एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने कहा, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने एक बार फिर से आपातकाल लगाने की साजिश रची है। अपने साम्प्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति के तहत उसने प्रदेश में धर्मांतरण को बढ़ावा देने के लिए रासुका लगा दिया है। अत्यधिक असामान्य परिस्थितियों में उठाए जाने वाले इस कदम ने कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति की पोल खोल दी है। भाजपा द्वारा पूर्व में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के बारे में लगातार मामला उठाया जाता रहा है, तब कांग्रेस यह यह कहती रही है कि प्रदेश में सब कुछ सामान्य है और कानून-व्यवस्था बेहतर है। अब आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां पैदा हो गईं जो यह गंभीर कदम उठाना पड़ा। क्या कांग्रेस सरकार खुद भी अब यह मानती है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था उसके नियंत्रण से बाहर चली गई है।
आवाज दबाने लगाया रासुका
डा. रमन ने कहा, कांग्रेस स्पष्ट तौर पर छत्तीसगढ़ में तुष्टीकरण और धर्मांतरण के एजेंडे पर काम कर रही है। किसी सरकार का काम धर्म और संस्कृति को कुचलना तथा धर्मान्तरण को बढ़ावा देना नहीं होता, लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस धर्मांतरण के पक्ष में अपने अधिकार का सीधे दुरुपयोग कर रही है। वह मिशनरियों के हाथ में खेल रही है। डा. रमन ने सीधा आरोप लगाया कि यहां पर रासुका सोनिया गांधी के इशारे पर लगाया है ताकि आदिवासियों को कुचलने का काम हो सके। प्रदेश में कई वर्ग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को रासुका के सहारे दबाना चाहती है। डा. रमन ने कहा, जब अधिसूचना का प्रकाशन एक जनवरी को किया गया है तो इसको 12 दिनों तक छुपाकर क्यों रखा गया। उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार को रासुका लगाने काे लेकर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

भूपेश बाेले- केंद्र सरकार से बाेलकर खत्म करा लें
बालोद के दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, रासूका को लेकर भाजपा द्वारा भ्रम फैलाने का काम किया जा रहा है। रासुका पहली बार लागू नहीं हो रहा है। जो गलत करता है रासुका के तहत कार्रवाई होती है। रासुका से भाजपा को इतनी ही परेशानी है, तो केंद्र में उनकी ही सरकार है, वहां बोलकर कानून खत्म करवा लें। श्री बघेल ने कहा, सच्चाई तो यह है कि प्रदेश में सभी खुश हैं, ये बात भाजपा को अच्छी नहीं लग रही है। यहां के नेताओं को जब ऊपर से फटकार लगती है कि छत्तीसगढ़ में सारी स्थिति अनुकूल कैसे है, तो ये कुछ भी करने लगते हैं।
हर छह माह में रिनीवल होता है
मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पर भी पटलवार किया और कहा, अरुण साव वकील हैं। रमन सिंह 15 साल तक मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। रासुका केंद्र सरकार का कानून है। हर छह महीने में उसको रिनीवल करते हैं। मुझे भी इसकी जानकारी नहीं थी। मैंने पूछा तो पता चला कि यह हर चार-छह महीने पर होता है। दूसरे प्रदेशों में भी ऐसा होता है। कौन से प्रदेश में नहीं हुआ है यह भी बताएं। भाजपा शासित राज्यों में नहीं है क्या? यह केंंद्र का कानून है। हर छह महीने में डीएम को यह अधिकार दिया जाता है। उसी के तहत दिया गया है। इसमें हाय तौबा क्यों मचा रहे हैं।

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