तीन हजार करोड़ की सड़कों का निर्माण आज से पूरी तरह बंद

रायपुर(realtimes) प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के एडीबी प्रोजेक्ट के तहत तीन हजार करोड़ की सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इस पर अचानक ठेकेदारों ने ब्रेक लगा दिया है। आज से इसका काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारियाें के साथ ठेकेदारों की बैठक हुई। इसमें ठेकेदारों ने अपनी समस्याएं और मांगें बताईं। ठेकेदार अपनी समस्याओं और मांगों का निराकरण तुरंत चाहते थे, लेकिन अधिकारी ने विचार करने के बाद फैसला करने की बात की, पर ठेकेदारों ने इसको नहीं माना और काम बंद कर दिया।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि पीडब्लूडी के एडीबी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण की दिक्कतों को लेकर एडीबी प्रोजेक्ट के निदेशक एसके कोरी के साथ बैठक हुई। जिसमें ठेकेदारों ने नए अनुबंध की शर्तों के अनुसार समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया। उनका कहना था कि शर्तों में समय विधि, जीएसटी और एस्केलेशन की शर्तों का पालन किया जाए। लेकिन इन पर बात नहीं बनी और ठेकेदारों ने निमाण कार्य बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही तय किया है कि जब तक टेंडर शर्तों के अनुसार किए गए अनुबंध का पालन नहीं किया जाता है, निर्माण प्रारंभ नहीं करेंगे।
अफसरों के रवैया के कारण लेट हो रहे प्रोजेक्ट
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला का कहना है कि अफसरों के लचर रवैय्ये के कारण ही निर्माण में तेजी नहीं आती है और इसका ठीकरा भी ठेकेदार पर फोड़ा जाता है, जो उस प्रोजेक्ट में काम करता है। एडीबी के प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी समस्या जमीन का मुआवजा, बिजली खंभों की शिफ्टिंग, रोड के दायरे में पेड़ कटाई, पानी पाइप लाइन की शिफ्टिंग नहीं कराना प्रमुख है। इसके कारण प्रोजेक्ट लेट हो जाते हैं। श्री शुक्ला ने बताया केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा यदि किसी प्रकार का टैक्स लगाया जाता है तो उसका भुगतान ठेकेदारों को विभाग द्वारा करने का प्रावधान है। 18 जुलाई से केंद्र सरकार ने जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दी है, लेकिन लोक निर्माण विभाग के एडीबी प्रोजेक्ट के अधिकारी 6% जीएसटी जो बढ़ी है उसका भुगतान करने में आनाकानी कर रहे हैं।



