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खास दवा लिखने के लिए अब तो पैसे भी मांगने लगे हैं डॉक्टर

डॉक्टरों को किचन गैजेट्स, कंप्यूटर नोटबुक और टैबलेट जैसे ‘महंगे उपहार’ मिलना एक आम बात है। फार्मा कंपनियों पर आरोप है कि वे डॉक्टरों के फाइव स्टार होटलों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन में फैमिली वैकेशन का खर्च उठाती हैं। आर्मी मेडिकल कोर से रिटायर एक डॉक्टर सवाल करते हैं, ‘बिहार के सीतामढ़ी जैसे छोटे शहर का कोई डॉक्टर अपने बूते गोवा या केरल के फाइव स्टार होटल में कैसे ठहर सकता है?’
उनके मुताबिक, फार्मा कंपनियां सुनिश्चित करती हैं कि बोलने में प्रभावशाली डॉक्टर उन चिकित्सा सम्मेलनों में भाग लें जिनमें रहना-खाना सब फ्री होता है। उनका आरोप है कि यह भी सामान्य बात है कि कुछ खास विशेषज्ञता वाले होनहार डॉक्टरों को कंपनियां तभी से अपने पाले में कर लेती हैं जब वे पीजी में दाखिला लेते हैं।



