
अनुभवी राजनेता शंकरसिंह वाघेला ने इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा, “सरकार को यह तय करने का कोई अधिकार नहीं है कि लोग क्या खाएं, क्या पिएं या क्या पहनें।”
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, “क्या गांधीजी केवल गुजरात के थे? वह एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक और प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं, तो केवल गुजरात में ही शराबबंदी क्यों? जब राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली और दीव-दमन जैसे पड़ोसी राज्यों में शराब प्रतिबंधित नहीं है, तो गुजरात में शराबबंदी को सख्ती से लागू करना असंभव है।”
वाघेला ने जोरदार वकालत करते हुए कहा, “विधान सभा के बहुमत सदस्यों को प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव पारित करना चाहिए।”



