काैशिक बाेले- 21 दिन बाद भी सवाल का जवाब न आना अधिकारियों की सदन के प्रति असंवेदनशीलता

रायपुर(realtimes) नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद संभवतः यह पहला अवसर होगा कि विधानसभा की पटल में प्रश्न की सूचना 21 दिन पूर्व देने के बाद भी उस पर समय पर जवाब नहीं आना यह प्रदेश सरकार के अधिकारियों की सदन के प्रति असंवेदनशीलता को दिखाता है।
श्री काैशिक ने कहा, इस सम्बंध में विधानसभा से प्रश्न को आगे बढ़ाने की मांग विधानसभा अध्यक्ष से किया जाना था लेकिन जो अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना व्यवहार को बताता है। इस पूरे मसले पर जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा के सत्र को प्रदेश के सभी विभागों को गंभीरता से लेना चाहिए। वास्तव में करोड़ो रुपए की खरीदी जैम पोर्टल के माध्यम से हुई थी लेकिन प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2021 से जैम पोर्टल से खरीदी करने पर प्रतिबंध लगा दिया था, इस तरह के कदम केवल भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए उठाया गया है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि विधानसभा के सदन में छत्तीसगढ़ के बुनियादी मुद्दो को रखा जाता है इस पर प्रशासन की गंभीरता बताता है कि प्रदेश की सरकार का यहीं नवा छत्तीसगढ़ का मॉडल है जहां अधिकारी बेलगाम हो गए है। इस पर मुख्यसचिव को संज्ञान में लेना चाहिये। प्रशासन के नियम के मुताबिक जानकारीद नहीं दी जा रही है। पूरी सरकार गूंगी, बहरी और अक्षम हो चुकी है।
जगदलपुर बना डेंगूपुर : कौशिक
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर संभाग नहीं डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिस की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कोई उचित व्यवस्था नहीं किया जा रहा है जिसके कारण पूरे बस्तर संभाग में डेंगू और मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जगदलपुर अब डेंगूपुर बन चुका है। अधिक संख्या में लोग डेंगू और मलेरिया के शिकार होते जा रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।



