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‘वर्ल्ड लिवर डे’ के अवसर पर सभी अपने ‘लिवर’ को स्वस्थ रखने का संकल्प लें- अमित शाह

‘वर्ल्ड लिवर डे’ के अवसर पर सभी अपने ‘लिवर’ को स्वस्थ रखने का संकल्प लें- अमित शाह

-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गत 10 वर्षों में होलिस्टिक अप्रोच के साथ देशवासियों को स्वस्थ रखने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए

-सभी देशवासी अच्छा आहार, पर्याप्त पानी, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें बाकि आपके स्वास्थ्य की चिंता की जिम्मेदारी मोदी सरकार करेगी

-एक स्वस्थ लिवर, स्वस्थ शरीर का गेटवे है 

-युवा शरीर की आवश्यकता के अनुसार जल, आहार, व्यायाम और नींद से अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं

-ILBS द्वारा HEALED योजना की अभिनव पहल ‘लिवर’ को स्वस्थ रखने के प्रति देश में जागरूकता फैलाने में सफल होगी

-हमारे वेदों में दिए गए ‘आहार ही औषधि है’ के मंत्र को स्वीकार कर आज पूरा विश्व आगे बढ़ रहा है

-गृह मंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र अपने Corporate Social Responsibility (CSR) से लिवर के महत्व और स्वस्थ लिवर के लिए काम करने वाली संस्थाओं को सहायता करें

 नई दिल्ली।  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में विश्व यकृत (Liver) दिवस के अवसर पर Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यकृत हमारे शरीर की रचना और इसे स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे शरीर के सभी अंगों में पुनर्जीवित होने की सबसे अधिक क्षमता यकृत में है क्योंकि यकृत ही पूरे शरीर को स्वस्थ रखने का मार्ग है। उन्होंने कहा कि आज विश्व यकृत दिवस के अवसर पर पूरे देश की जनता को अपने यकृत के प्रति सजग, प्रयत्नशील और पूरी जानकारी के साथ यकृत को स्वस्थ रखने का संकल्प लेना चाहिए। गृह मंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली के अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि मई 2020 से उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। श्री शाह ने कहा शरीर की आवश्यकता के अनुसार जल, आहार, व्यायाम और नींद से उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने आज़ादी की शताब्दी के समय 2047 में एक विकसित भारत की रचना करने का लक्ष्य रखा है जो हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो और विश्व का नेतृत्व करे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना रोगग्रस्त होकर नहीं की जा सकती और इसीलिए ये बहुत ज़रूरी है कि हर नागरिक स्वस्थ रहे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज ILBS द्वारा HEALED योजना का शुभारंभ हुआ है और यह अभिनव पहल यकृत को स्वस्थ रखने के प्रति देश में जागरूकता फैलाने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान विटामिन ई की भी जांच करवानी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि हमारे वेदों में कहा गया है कि आहार ही औषधि है और आज इस थीम को स्वीकार कर पूरा विश्व आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2025 तक 11 साल में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने हॉलिस्टिक दृष्टिकोण के साथ देश के नागरिकों को स्वस्थ बनाने के अनेक कार्यक्रम चलाए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय एक ऐसी पद्धति विकसित करने का काम कर रहा है जिससे हम बीमार ही न हों। श्री शाह ने कहा कि आज बड़े-बड़े एलोपैथिक अस्पताल भी अपने यहां आयुष का विंग खोल रहे हैं। विश्व योग दिवस की कल्पना में ही व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को समाहित किया गया था। उन्होंने कहा कि आज देश के करोड़ों लोगों को 5 लाख रूपए तक के इलाज का पूरा खर्च मोदी सरकार दे रही है। 70 साल से अधिक आयु वाले नागरिको के इलाज के लिए भी 5 लाख तक का सभी खर्च सरकार उठा रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने देश में स्वास्थ्य का इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए 65 हज़ार करोड़ रूपए खर्च कर हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) को एक कम्प्लीट यूनिट बनाने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि जेनेरिक दवाओं के लिए आज देश में 15 हज़ार से अधिक जनऔषधि केन्द्रों का नेटवर्क तैयार कर 80 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चे के जन्म से 15 साल की आयु तक मिशन इंद्रधनुष के तहत उसके मुफ्त टीकाकरण की व्यवस्था की और 1 करोड़ 32 लाख माताओं को भी टीका लगाया। श्री शाह ने कहा कि ई-संजीवनी ऐप के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्वास्थ्य संस्थानों से 30 करोड़ 90 लाख से अधिक डिजिटल डॉक्टरी परामर्श देने का काम पूरा हुआ है। श्री शाह ने कहा कि 2014 में देश में 7 एम्स थे, आज 23 हैं, मेडिकल कॉलेज 387 थे, आज 780 हैं, एमबीबीएस सीटें 51 हज़ार थीं जो आज 1 लाख 18 हज़ार हो गई हैं और अब इनमें 75 हज़ार सीटें और बढ़ने जा रही हैं। इसके साथ-साथ, पीजी की सीटें 31 हज़ार थीं जो आज बढ़कर 74 हज़ार हो गई हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में देश का स्वास्थ्य का बजट 37 हज़ार करोड़ रूपए था जिसे आज प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाकर 1 लाख 27 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि समग्रता के साथ पिछले 10 साल में देश के 130 करोड़ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक आवरण की रचना की है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासी अच्छा आहार, पर्याप्त पानी, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें बाकि आपके स्वास्थ्य की चिंता की जिम्मेदारी मोदी सरकार करेगी। गृह मंत्री ने देश के कॉर्पोरेट जगत से अपने Corporate Social Responsibility (CSR) की पहलों में स्वस्थ लिवर के प्रचार को महत्व और स्वस्थ लिवर के लिए काम करने वाली संस्थाओं को सहायता देने का अनुरोध किया। उन्होंने मीडिया से भी मनोरंजन के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। श्री शाह ने कहा कि ILBS को अपने आप को देशभर के एम्स और प्रमुख सरकारी अस्पतालों के साथ जुड़कर लिवर के रोगियों के मार्गदर्शन की व्यवस्था और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयास करने चाहिए।

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