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अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर दी बधाई, 99 साल पहले दशहरा के दिन रखी गई थी नींव

अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर दी बधाई, 99 साल पहले दशहरा के दिन रखी गई थी नींव

 नई दिल्ली।  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस के अवसर पर इसके सदस्यों को बधाई दी और कहा कि अपनी स्थापना के बाद से यह संगठन भारतीय संस्कृति की रक्षा और युवाओं में देशभक्ति के विचारों को विकसित करने का उल्लेखनीय काम कर रहा है। संघ की स्थापना केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजया दशमी के दिन नागपुर में की थी।

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “अनुशासन और देशभक्ति के अद्वितीय प्रतीक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी स्वयंसेवकों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। संघ अपनी स्थापना से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा एवं युवाओं को संगठित कर उनमें राष्ट्रभक्ति के विचारों को सींचने का उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।”

 उन्होंने कहा कि संघ समाज सेवा के कार्यों को गति देकर हर वर्ग को सशक्त बनाने के साथ ही शैक्षणिक प्रयासों से देशहित के प्रति समर्पित देशभक्तों का निर्माण कर रहा है। गृहमंत्री ने विजया दशमी के अवसर पर भी देशवासियों को बधाई दी।

 उन्होंने एक संदेश में कहा कि विजया दशमी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक, विजया दशमी का यह पर्व सभी को अपने अंदर की बुराइयों को समाप्त कर धर्म और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रभु श्री राम सभी का कल्याण करें। जय श्री राम।”

 विजया दशमी दुर्गा पूजा के समापन और असुरों के राजा रावण पर भगवान राम की विजय का प्रतीक है। एक अलग संदेश में शाह ने भाजपा नेता राजमाता विजयाराजे सिंधिया को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। सादगी की प्रतिमूर्ति, राजमाता जी ने राजसी जीवन का त्याग कर संगठन के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। आपातकाल के दौरान उनके साहस और संघर्ष ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 उन्होंने कहा कि वह (राजमाता सिंधिया) सादगी की प्रतिमूर्ति थीं और आपातकाल के दौरान उनके साहस और संघर्ष ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, “राजमाता सिंधिया जी की देश के प्रति निष्ठा और जनकल्याण के कार्यों को देश सदैव याद रखेगा।” ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखने वाली राजमाता सिंधिया भाजपा की उपाध्यक्ष और सांसद थीं। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1919 को हुआ था।

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