महंगी बिजली पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग - realtimes
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महंगी बिजली पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी जंग

रायपुर। प्रदेश में बिजली महंगी होने को लेकर भाजपा और कांग्रेस में जुबानी वार हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, मोदी सरकार अडानी परस्ती नीति के कारण विदेशी कोयला अनिवार्य किए जाने के कारण बिजली महंगी करने की नौबत आई है, जबकि देश में पर्याप्त मात्रा में कोयला है। इस मामले में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव का कहना है, भूपेश बघेल सरकार लगातार बिजली का बिल बढ़ाकर जनता के साथ अन्याय और अत्याचार कर रही है।

श्री शुक्ला ने कहा, विद्युत उत्पादन में आवश्यक कंपोनेंट कोयला रेलवे माल भाड़ा और कोरिया पर ग्रीन टैक्स मोदी सरकार द्वारा बढ़ाए गए। कोयले पर ग्रीन टैक्स लगभग 8 गुना बड़ा है, रेलवे का माल भाड़ा 40 प्रतिशत बढ़ा है। विद्युत संयंत्रों में डीजल भी प्रमुख घटक होता है। डीजल पर सेंट्रल एक्साइज जो मोदी सरकार से पहले 3 रुपया 46 पैसा था, जिसे 10 गुना बढ़ाकर 31 रुपया 80 पैसा कर दिया गया था, कांग्रेस के विरोध के बाद 21 रुपया 80 पैसा किया गयाहै। विगत 11 महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल 46 प्रतिशत घटे हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दाम नहीं घटाए गए। जिसके कारण विद्युत निर्माण लागत बढ़ गई।

बिजली बिल हाॅफ नहीं, जनता की जेब साफ

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने कहा, इसके पहले भी बिजली खरीदी का खर्च बढ़ने का हवाला देकर प्रति यूनिट दर बढ़ाई गई। अब फिर वृद्धि की गई है। यह सरकार हर महीने जनता की जेब पर डाका डाल रही है। बिजली बिल हाॅफ तो एक छलावा है, बिजली के दाम बढ़ाना और आम जनता को लूटना इस सरकार की असल नीति है। इसके पहले सुरक्षा निधि के बहाने जनता को लूटा गया। छोटे छोटे उपभोक्ताओं तक को नहीं बख्शा गया। सरकार का दायित्व जनता को राहत देना है लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जनता पर आर्थिक अत्याचार कर रही है। श्री साव ने कहा, छत्तीसगढ़ बिजली के मामले में सर प्लस राज्य होने के बावजूद बिजली खरीदी का खर्च बढ़ने के नाम पर लगातार बिजली के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। अब जनता से प्रति यूनिट 1.10 रुपए अतिरिक्त वसूले जाएंगे।

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