भारत के मशहूर उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल कैसे बने ‘Steel King’,जानिए सफलता की कहानी

मुंबई: राजस्थान के चूरु जिले के सादुलपुर में 15 जून 1950 को जन्मे लक्ष्मी मित्तल दुनिया के सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी आर्सेलर मित्तल के सीईओ और चेयरमैन हैं। उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल लंदन में बसे भारतीय मूल के उद्योगपति हैं। लक्ष्मी मित्तल को दुनियाभर में इ’स्टीग किंग’ के नाम से जाना जाता है। वे देश के 5वें सबसे अमीर शख्स हैं। फोर्ब्स के अनुसार, साल 2011 में मित्तल को दुनिया का छठा सबसे अमीर व्यक्ति बताया गया था। साथ ही फोर्ब्स के मुताबिक साल 2023 में लक्ष्मी मित्तल कुल संपत्ति करीब 17.3 बिलियन डॉलर के साथ दुनिया के 100वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लक्ष्मी मित्तल ने यूनाइटेड किंगडम में रहते हुए भी अब तक इंडिया की सिटीजनशिप नहीं छोड़ी है। आइये जानतें है इनके जीवन के बारे में:
लक्ष्मी मित्तल के पिता कोलकाता में एक स्टील मिल चलाते थे।जिसके बाद 1960 के दशक में पूरा परिवार राजस्थान से कोलकाता में रहने लगा। जहां लक्ष्मी मित्तल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स कॉलेज से की। जिसके बाद उन्होंने अपने पिता की कंपनी में बतौर ट्रेनी के काम से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने करीब 6 साल के बाद इंडोनेशिया में खुद की एक स्टील मिल स्थापित कर ली। लक्ष्मी मित्तल ने 10 साल स्टील मिल के व्यवसाय में लगाए और इस कारोबार की जरूरी सभी बारीकियों को समझा। उन्होंने जो सौदे पहले से ही नुकसान में चल रहे थे। उनको भी फायदे में बदल दिया।
लक्ष्मी ने सबसे पहले साल 1989 में त्रिनिदाद और टोबैगो के राज्य के स्वामित्व वाले स्टीलवर्क्स को खरीदा। जिसे पटरी पर लाने के लिए उन्होंने स्पेशल मैनेजमेंट टीम भेजी। जिसके बाद आगे चलकर यही स्ट्रेटेजी स्टील इंडस्ट्री का बिजनेस मॉडल बन गया। जिसके बाद इसे पूरी दुनिआ में अपनाया जानें लगा।
लक्ष्मी मित्तल ने उषा मित्तल से शादी की और दोनों के दो बच्चे हैं जिनका नाम आदित्य और वनिशा हैं। उनकी बेटी वनिशा मित्तल की शादी साल 2008 में दुनिया में दूसरी सबसे महंगी शादी मानी जाती है।बेटी को उन्होंने लंदन स्थित तकरीबन 7 करोड़ ब्रिटिश पौंड की कीमत का घर गिफ्ट किया था। वहीं, लक्ष्मी मित्तल ने 2008 में ही बेटे आदित्य मित्तल के लिए भी इंग्लैंड के केंसिंग्टन गार्डन में लगभग 1,30,000 वर्ग फुट में बनी 4 मंजिला आलीशान हवेली खरीदी थी।



