PM Modi US Visit 2023: रूस नहीं ये देश होगा डिफेंस डील के लिए भारत का भरोसेमंद साथी, एक्सपर्ट की राय

PM Modi US Visit 2023: जल्द ही पीएम मोदी अमेरिका के दौरे पर जाने वाले हैं और पीएम के दौरे से पहले भारत ने अमेरिका के साथ एक बड़ी डिफेंस डील की है। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है। करीब 3 अरब डॉलर यानी करीब 24 हजार करोड़ रुपये के इस सौदे में अमेरिका से 31 सबसे घातक और आधुनिक प्रीडेटर ड्रोन भारतीय सेना के बेड़े में शामिल हों जाएंगे। इसी बीच वरिष्ठ अमेरिकी पत्रकार और जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि पड़ोसी देशों की चुनौतियों और बदली वर्तमान परिस्थितियों में भारत को मिलिट्री टेक्नोलॉजी में सबसे आगे होने की जरूरत है।
जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट का दावा
दरअसल जब एक्सपर्ट ये पूछा गया कि क्या भारत हथियार आपूर्तिकर्ता के तौर पर अमेरिका पर भरोसा कर सकता है? तो उन्होने जवाब दिया कि ‘भारत के पास अत्याधुनिक हथियार होने के साथ सैन्य तकनीक में सबसे आगे होने की सख्त जरूरत है। लेकिन फिलहाल की बात करें तो भारत दूसरे दर्जे के रूसी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में आने वाले समय में रूस की तुलना में अमेरिका भारत के लिए ज्यादा भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है।’
रूसी हथियार और अमेरिकी हथियार में अंतर
एक्सपर्ट के मुताबिक मेड इन रसिया हथियारों की तुलना में अमेरिकी हथियार से करें तो खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिकी हथियारों का किसी से कोई मुकाबला नहीं था। वो तब भी सर्वश्रेष्ठ थे और आज भी। जब अमेरिकी उपकरणों को रूसी उपकरणों से तुलना करते हैं तो दूसरे नंबर पर भी नहीं आते बल्कि चौथे स्थान पर दिखते हैं।
यूक्रेन हमले से एक्सपोज हुआ रूस
भारत में वर्तमान में रूसी हथियार इस्तेमाल हो रहे। रूसी उपकरण का काम समझने के लिए ये जानना होगा कि यूक्रेन में क्या कुछ चल रहा है। इससे रूसी हथियारों की क्वालिटी घटने की उम्मीद है क्योंकि रूस पर लगे बैन के कारण मास्को को जरूरी तकनीक नहीं मिल पा रही है।
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