
साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के गैंगरेप और उनके परिवार के 7 सदस्यों की हत्या में आजीवन कारावास की सजा पाए 11 लोगों के मंगलवार को जेल से बाहर आने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दिन गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो केस के 11 अभियुक्तों को, आरोपी नहीं, अभियुक्तों को जेल से बाहर कर दिया, रिहा कर दिया। ये केस और ये निर्णय, इसको हम आइसोलेशन में न देंखें, तो एक पैटर्न दिखाई देता है, बीजेपी की मानसिकता दिखाई देती है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि कठुआ, उन्नाव, ये दो मील का पत्थर होंगे, इस देश के इतिहास में और शर्मिंदा करते रहेंगे हम सबको, जो राजनीति में हैं। ये मैं कह रहा हूं, जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं और किसी कारण से कह रहा हूं।
पवन खेड़ा ने कहा कुछ लोग अभी भी प्रधानमंत्री के मुंह से निकली हुई बातों को गंभीरता से लेते हैं। कल प्रधानमंत्री जी ने लाल किले की प्राचीर से बड़ी-बड़ी बातें की- नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी शक्ति, अच्छे-अच्छे शब्द इस्तेमाल किए। कुछ घंटों के बाद गुजरात सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया, जो अप्रत्याशित था, जो कभी नहीं हुआ। बलात्कार के अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया। फिर आज हमने ये भी देखा कि जो रिहा हुए हैं, उनकी आरती उतारी जा रही है, उनका तिलक किया जा रहा है, कांग्रेस ने पूछा- क्या ये है अमृत महोत्सव! ये प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में अंतर! या तो प्रधानमंत्री की सुननी लोगों ने बंद कर दी है, उनके अपने लोगों ने, उनकी अपनी सरकारों ने या फिर प्रधानमंत्री जी देश को कुछ और कहते हैं और फोन उठाकर अपनी राज्य सरकारों को कुछ और कहते हैं।
खेड़ा ने कहा कि ये ऐसा केस है बिलकिस बानो का, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो को 50 लाख का मुआवजा देने का आदेश गुजरात सरकार को दिया था, ये ऐसा ऑर्डर था सुप्रीम कोर्ट का, जिससे यह साबित हुआ था कि बिलकिस बानो के साथ जो हुआ है, वो साबित हो गया है, वो गलत था, गैर कानूनी हुआ, उनके साथ अपराध हुआ, उनके साथ अत्याचार हुआ, उस परिवार पर अत्याचार हुआ। एक 4-5 साल की बच्ची को जमीन पर देकर मार दिया और जो गैंग रेप हुआ वो अलग। उसके बाद प्रधानमंत्री जी की हिम्मत कैसे होती है कि लाल किले पर खड़े होकर इस तरह की बातें करें। अब तो हैरानी भी नहीं होती, लेकिन फिर भी कुछ न कुछ ये ऐसा कर देते हैं, जो चौंका देता है, जो और दुखी कर देता है और विश्वास लोगों का सरकारों पर से खत्म कर देता है।



