जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति में डूबेगा रायपुर: जैतुसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ, राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक

रायपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी रायपुर के मंदिरों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। 4 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया जा रहा है। अलग-अलग मंदिरों में महाभिषेक, भजन-कीर्तन, झांकी, विशेष श्रृंगार और भोग की तैयारियां की गई हैं।
पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव मठ में जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ जन्म आरती होगी। भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। मठ में करीब 200 साल से मालपुआ का भोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। 5 सितंबर को शाम 5 बजे से प्रसाद वितरण होगा।
राधाकृष्ण मंदिर में 101 लीटर दूध से अभिषेक
समता कॉलोनी के राधाकृष्ण मंदिर में सुबह 7 बजे भगवान श्रीकृष्ण का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा। कोलकाता के कारीगर मंदिर और प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर रहे हैं। सुबह 9 बजे से झांकी दर्शन होंगे। रात को भजन कार्यक्रम के बाद मध्यरात्रि में जन्मोत्सव और महाआरती होगी।
कोतवाली में कारागार से निकलेगा कन्हैया
सिटी कोतवाली थाने में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मंचन होगा। कलाकार देवकी, वासुदेव और सैनिकों की वेशभूषा में भगवान के जन्म की लीला प्रस्तुत करेंगे। रात 12 बजे वासुदेव द्वारा टोकरी में कृष्ण को लेकर कारागार से बाहर निकलने का दृश्य दिखाया जाएगा। इसके बाद ठाकुरजी को सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर ले जाया जाएगा।
इस्कॉन में तीन दिन चलेगा महोत्सव
टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में 3 से 5 सितंबर तक जन्माष्टमी महा-महोत्सव होगा। इसमें भक्ति नृत्य, प्रतियोगिताएं, बाललीला, भजन-कीर्तन और कथक की प्रस्तुति होगी। रात 9 बजे महाभिषेक और मध्यरात्रि में छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। रात 12.15 बजे महाआरती होगी।
मैथिली ठाकुर की भजन संध्या
बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 3 सितंबर की शाम जन्माष्टमी उत्सव होगा। रात 8.15 से 9.30 बजे तक मैथिली ठाकुर और उनका ग्रुप भजनों की प्रस्तुति देगा। इसके बाद महाआरती और महाप्रसाद का आयोजन होगा।
इसके अलावा दूधाधारी मठ में 4 से 7 सितंबर तक उत्सव, बांके बिहारी मंदिर में दुग्धाभिषेक, गिरिराज मंदिर में चार धाम की सामग्री से पूजा और गोपाल मंदिर में 5 सितंबर को नंद महोत्सव होगा।



