बिजली की योजनाओं के लिए हर जिले में बनेगी कमेटी, केंद्र सरकार ने जारी किया का फरमान

रायपुर. सभी राज्यों में केंद्र सरकार की बिजली विभाग में चलने वाली योजनाओं की तेज गति देने के लिए केंद्र सरकार ने हर जिले में एक कमेटी बनाने का फरमान जारी किया है। इस कमेटी में जिले के सांसद को अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसी के साथ कमेटी में कलेक्टर सचिव रहेंगे। विधायकों के साथ पंचायतों के भी जनप्रतिनिधियों को कमेटी में रखा जाएगा। यह कमेटी इसलिए और जरूरी हो गई क्योंकि हर राज्य में स्मार्ट मीटर की योजना लागू हो रही है। अपने राज्य में यह योजना इस साल से प्रारंभ होगी। इसका टेंडर भी हो गया है।केंद्र सरकार की आरडीएसएस के तहत कई तरह की योजनाओं राज्यों में चलती हैं। राज्य सरकार जो भी योजना बनाती है, उसको केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजती है। अलग-अलग योजनाएं में केंद्र सरकार से अलग-अलग प्रतिशत में योगदान मिलता है, किसी योजना में 40 प्रतिशत तो किसी में इससे कम का योगदान केंद्र सरकार का रहता है। केंद्र सरकार जिन भी योजनाओं में योगदान देती है, उन योजनाओं की देखरेख के लिए भी अब हर जिले में कमेटी बनाने के लिए कहा गया है, ताकि योजना पर ठीक से काम हो सके। प्रदेश सरकार ने पिछले साल से राज्य में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और स्मार्ट मीटर को लेकर केंद्र सरकार को 12 हजार करोड़ की योजना भेजी थी। इसमें से पहले साढ़े तीन हजार करोड़ की योजना को मंजूरी मिली, इसके बाद स्मार्ट मीटर योजना को भी मंजूरी मिली है। कुल मिलाकर करीब सात हजार करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है।
स्मार्ट मीटर की बड़ी योजना
केंद्र सरकार की स्मार्ट मीटर योजना बड़ी योजना है। हर राज्य में अनिवार्य रूप से स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इसको लेकर केंद्र सरकार ने राजपत्र में भी इसका प्रकाशन कर दिया है। जो स्मार्ट मीटर लगेंगे उनकी कीमत छह हजार रुपए हैं। इस योजना में केंद्र सरकार 15 प्रतिशत का योगदान कर रही है। योजना को निजी कंपनियों से ही पूरा कराया जा रहा है। इस योजना को ठीक से लागू कराने के लिए कमेटी जरूरी है।
ऐसी होगी कमेटी
जिलों में बनने वाले इलेक्ट्रिक सिटी कमेटी में जिले के सीनियर सांसद को अध्यक्ष, इसके बाद अगर जिले में जूनियर सांसद हैं तो उनको सह अध्यक्ष बनाया जाएगा। कमेटी के कलेक्टर सचिव होंगे। इसके अलावा कमेटी में विधायक, पंचायत अध्यक्ष और केंद्र सरकार अपना एक प्रतिनिधि नियुक्ति करेगी। इसी के साथ बिजली विभाग का एक अधिकारी कवेंयर होगा। इस कमेटी की तीन माह में एक बार अनिवार्य रूप से बैठक होगी। बैठक में जिले में चलने वाली केंद्र सरकार की बिजली योजनाओं की समीक्षा होगी। इसकी पूरी जानकारी केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।



