तटीय पोत परिवहन विधेयक हंगामे के बीच राज्यसभा में पारित

नई दिल्ली। राज्यसभा ने गुरुवार को विपक्ष के हंगामे के बीच तटीय पोत परिवहन विधेयक 2025 को पारित कर दिया जिससे इस पर संसद की मुहर लग गयी। लोक सभा ने यह विधेयक तीन अप्रैल को पारित किया था। विधेयक पारित होने के साथ ही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। इस विधेयक में भारतीय तटीय जलक्षेत्र में व्यापार में लगे जहाजों को विनियमित करने का प्रावधान है और इससे समुद्र के रास्ते तटीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सभा में सुबह के स्थगन के बाद आज अपराह्न दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा। हंगामे के बीच पीठासीन उप सभापति घनश्याम तिवाड़ी ने पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल को लोक सभा में पारित इस विधेयक को यथा रूप चर्चा और पारित कराने के लिए प्रस्तुत करने को कहा। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच संक्षिप्त बहस और उस पर मंत्री के जवाब के बाद विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गयी। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने विधेयक पर संशोधन के कुछ प्रस्ताव दे रखे थे लेकिन उप सभापति द्वारा संशोधन पेश करने के लिए पुकारे जाने पर उन्होंने संशोधन पेश नहीं किया और कहा कि पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा करायी जानी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाहा लेकिन आसन ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। विधेयक को सदन की मंजूरी मिलने के साथ ही पीठासीन उप सभापति ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे को देखते हुए कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले विपक्ष के हंगामे के कारण पूर्वाह्न शून्य काल में भी सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी।संसद के मानसून सत्र के लगातार 14वें दिन गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित रहा। विपक्ष बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा। इसके चलते कार्यवाही कई बार बाधित होने के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
लोकसभा में कार्यवाही पहले 12 बजे और बाद में दो बजे तक के लिए स्थगित हुई। दो बजे कार्यवाही प्रारंभ होने पर सरकार ने हंगामे के बीच मणिपुर माल एवं सेवाकर (संशोधन) विधेयक, 2025 और मणिपुर बजट पारित करा लिया। इसके बाद कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दूसरी ओर राज्यसभा में सुबह हंगामे के चलते कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दो बजे कार्यवाही शुरू होने पर हंगामे के बीच सदन में तटीय नौवहन विधेयक, 2025 पारित किया गया। बाद में कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।



