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जम्मू-कश्मीर-हिमाचल और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 25 फरवरी से मौसम के मिजाज में फिर बदलाव होने जा रहा है। इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के साथ मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश को छोड़कर असम समेत सभी राज्यों में हल्की बारिश हो सकती है। रविवार को भी उत्तर पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई और हवाएं भी चलीं।

 

मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तरी ईरान और आसपास के क्षेत्र में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर पश्चिम भारत में मौसम में बदलाव आएगा। 25 से 28 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, 26 से 28 फरवरी के दौरान हिमाचल प्रदेश और 27 व 28 फरवरी को उत्तराखंड में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। 26 फरवरी से 1 मार्च के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से 25 और 26 फरवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 

 

उधर, आईएमडी की तरफ से रविवार सुबह 8:30 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा और झारखंड में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्य वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में तेज गरज के साथ बारिश हुई और हवाएं भी चलीं। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी सूचना है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में यलो अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में महाशिवरात्रि के आसपास भारी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने 25 से 28 फरवरी के बीच कुछ इलाकों में अधिक खराब मौसम को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। भारी बर्फबारी से साधना पास, राजदान पास, सोनमर्ग-जोजीला-गुमीरी, मुगल मार्ग, सिंथन पास व पहाड़ी इलाकों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। संभावित इलाकों में खराब मौसम में पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन को आपात प्रबंधन मजबूत करने के लिए कहा गया है। हालांकि, कृषि और बागवानी के लिए मौसम का यह बदला मिजाज ठीक रहेगा, क्योंकि इससे तापमान में गिरावट आएगी।

 

हिमाचल में पांच दिन बेहद भारी

हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम साफ रहा, लेकिन मंगलवार से अगले पांच दिन बहुत खराब मौसम का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार से पांच दिन तक भारी बारिश और बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को ताबो में तापमान शून्य से 7.0 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया, वहीं शिमला का न्यूनतम तापमान भी 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मनाली में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

 

लाहौल-स्पीति में हिमस्खलन का खतरा

लाहौल-स्पीति में धूप खिलने के बाद हिमखंड गिरने का खतरा बना हुआ है। रविवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में धूप खिली रही। इससे शीतलहर कुछ कम हुई। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छाया रहा। वहीं, कुल्लू में उदयपुर-किलाड़ के बीच कडू नाला के पास भूस्खलन के चलते मार्ग बाधित हो गया है। इसके साथ ही लाहौल में अभी भी 140 संपर्क सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। दो पेयजल योजनाएं भी बंद है। सोलंगनाला से फोर बाई फोर वाहनों में पर्यटक अटल टनल रोहतांग पहुंचे।

 

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