भूपेश ने भाजपा सरकार पर लगाया युवाओं और किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप

रायपुर. तूता धरना स्थल पर शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने सहायक शिक्षकों की बर्खास्तगी, धान खरीदी में अव्यवस्था, और नगर निगमों में प्रशासक नियुक्ति जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की।
सहायक शिक्षकों की बर्खास्तगी पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नए साल के पहले ही दिन भाजपा सरकार ने युवाओं पर अत्याचार किया है। 2897 सहायक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि इनकी भर्ती प्रक्रिया भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही फरवरी और मार्च 2024 में पूरी हुई थी। उन्होंने कहा, “साय सरकार ने देश के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित शिक्षकों को पदमुक्त किया है।”
श्री बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इन शिक्षकों का पक्ष न्यायालय में सही ढंग से नहीं रख पाई। उन्होंने सुझाव दिया कि इन शिक्षकों को अन्य विभागों में समायोजित किया जा सकता है, जैसे प्रयोगशाला सहायक या उच्च श्रेणी शिक्षक के रूप में। उन्होंने इसे हजारों युवाओं के भविष्य के साथ मजाक करार दिया।
धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप
धान खरीदी को लेकर श्री बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर बारदानों की कमी है, भुगतान में देरी हो रही है, और उठाव में बाधा आ रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “सरकार बताएं कि इस साल केंद्र सरकार सेंट्रल पुल में कितना चावल लेने वाली है। आंकड़े अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए?”
नगर निगम चुनाव से बचने का आरोप
नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त करने के फैसले पर श्री बघेल ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव कराने से डर रही है क्योंकि उसे अपनी हार का अंदेशा है। उन्होंने कहा, साय सरकार एक साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। युवा, किसान, महिला, और आदिवासी सभी सरकार से नाराज हैं।
धर्मांतरण के मुद्दे पर हमला
भाजपा सरकार पर धर्मांतरण रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए श्री बघेल ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने भाजपा से पूछा कि जो लोग घर वापसी का दावा कर रहे हैं, उनका कोई रिकॉर्ड रखा गया है या नहीं।
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहद खराब है और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि हर स्तर पर अराजकता फैली हुई है।



