छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका अडानी, टाटा या किसी और को, फैसला आज

रायपुर. अपने राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका अडानी, टाटा या किसी और के हिस्से में जाएगा इसका फैसला आज हाे जाएगा। काफी जद्दोजहद के बाद अब जाकर प्रदेश में लगने वाले स्मार्ट मीटर का रेट टेंडर खुलने का रास्ता साफ हाे गया है। तकनीकी बीड की जांच का काम दो माह बाद जाकर अब पूरा हो गया है। सभी कंपनियों के दस्तावेजों में कमी होने के कारण कंपनियों से दस्तावेज मंगाए गए और जांच के बाद पात्र कंपनियां तय हो गई हैं। अब आज दोपहर को रेट टेंडर खोला जाएगा। इसी के साथ प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगने का रास्ता भी खुल जाएगा।प्रदेश में 56 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पाॅवर कंपनी ने पांच संभागों को तीन हिस्सों में बांटकर चार हजार करोड़ का टेंडर किया है। इसका तकनीकी बीड 31 जनवरी को खोला गया था। उसमें जो पांच कंपनियां सामने आईं, जिसमें सबसे बड़ी कंपनी के रूप में अडानी की कंपनी है। इस कंपनी ने सभी संभागों का चार हजार करोड़ का टेंडर भरा है। एक बड़ी नामी कंपनी टाटा ने भी टेंडर भरा है, लेकिन टाटा ने महज रायपुर संभाग के टेंडर में ही रुचि दिखाई है। इसी के साथ तीन और कंपनियों ने भी टेंडर भरा है। सभी कंपनियों को तकनीकी बीड पर परखने में दो माह लग गए। ऐसा होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि सभी कंपनियों के कुछ न कुछ दस्तावेज कम होने पर कंपनियों से दस्तावेज मंगाने का काम किया गया। ऐसे में जांच का काम लंबा खिंच गया। लेकिन अब जांच का काम पूरा हो चुका है। अब रेट का बीड खोलने की तैयारी चल रही है।
किस संभाग में कौन पात्र टेंडर तीन हिस्सों में
टेंडर को पॉवर कंपनी ने प्रदेश के पांच संभागों के हिसाब से किया है, क्योंकि एक साथ चार हजार करोड़ का टेंडर करने पर ज्यादा कपंनियां के आने की संभावना नजर नहीं आ रही थी। इसी के साथ अलग-अलग हिस्सों में टेंडर करने से काम भी तेजी से होगा। रायपुर संभाग बड़ा होने के कारण उसको अलग संभाग रखा गया है और इसका टेंडर 16 सौ करोड़ का है। इसके लिए तकनीकी बीड में चार कंपनियां पात्र मिली हैं। इसी के साथ दुर्ग संभाग के साथ बस्तर संभाग को मिलाया गया है। इसका टेंडर भी 16 सौ करोड़ का है। इसमें दो कंपनियां पात्र मिली हैं। इसी के साथ बिलासपुर और अंबिकापुर संभाग को मिलाकर एक पैकेज किया गया है। इसका टेंडर आठ सौ करोड़ का है। इसमें तीन कंपनियां पात्र मिली हैं।
दौड़ में पांच कंपनियां
कुल मिलाकर पांच संभागों के तीन पैकेज के लिए पांच कंपनियां ने टेंडर भरा। रायपुर संभाग का टेंडर अडानी और टाटा के अलावा तीन और कंपनियों इन टैली स्मार्ट, हाई प्रिंट एनर्जी और एनसीएल ने भरा है। इसमें से चार कंपनियां पात्र हैं। बस्तर और दुर्ग का अडानी के अलावा एक और कंपनी ने और बिलासपुर और अंबिकापुर का अडानी के अलावा दो और कंपनियों ने टेंडर भरा है। तकनीकी बीड के तीनों पैकेजों में अडानी की कंपनी पात्र है। उसका रेट एल वन होगा तो उसको पूरे प्रदेश में मीटर लगाने का काम मिल सकता है। रायपुर संभाग में अगर टाटा कंपनी एल वन हो गई तो उसके हिस्से में टेंडर जा सकता है। इसी के साथ दूसरी कंपनियां भी दौड़ में शामिल हैं। जिनका रेट एल वन होगा उसको काम मिलेगा।



