Aadhaar Update:अब बच्चों के आधार का बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड धारकों, खासकर बच्चों के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अब हर बच्चे के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
बच्चों के आधार का बायोमेट्रिक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड धारकों, खासकर बच्चों के लिए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अब हर बच्चे के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि समय पर यह अपडेट नहीं कराया गया, तो भविष्य में आधार निष्क्रिय भी किया जा सकता है।
जन्म के समय बनाए गए आधार कार्ड में केवल बच्चे की डेमोग्राफिक डिटेल (नाम, जन्मतिथि आदि) दर्ज होती है। नवजात शिशु का फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन संभव नहीं होने के कारण यह डेटा शामिल नहीं किया जाता। लेकिन जैसे ही बच्चा 7 वर्ष की आयु पूरी करता है, उसका फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा। यह प्रक्रिया यदि तय उम्र (7 साल) पर कराई जाती है तो पूरी तरह मुफ्त है। यदि माता-पिता देर से अपडेट कराते हैं, तो ₹100 शुल्क देना होगा।
UIDAI ने साफ चेतावनी दी है कि यदि समय पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया गया, तो उनका आधार आगे चलकर निष्क्रिय हो सकता है।इससे बच्चों को भविष्य में सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, स्कूल एडमिशन या किसी भी सेवा का लाभ लेने में बड़ी दिक्कत आ सकती है।
जिन बच्चों की उम्र 7 साल पूरी हो चुकी है।जिन बच्चों का आधार 5 से 15 साल की उम्र के बीच बनाया गया है।15 साल की उम्र पूरी होने पर एक और बार बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होगा।
माता-पिता बच्चे को लेकर नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाएं।केंद्र पर बच्चे की फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन लिया जाएगा।यह प्रक्रिया 7 साल की उम्र पूरी होने पर मुफ्त है।यदि देरी की गई, तो ₹100 शुल्क देना होगा।
आधार आज हर छोटे-बड़े सरकारी और गैर-सरकारी काम में सबसे जरूरी दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में सरकार चाहती है कि बच्चों की पहचान भी सुरक्षित और प्रमाणिक रहे। बायोमेट्रिक डेटा अपडेट होने से धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच पाएगा।



