कनेक्टिविटी ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ – संतोष पांडेय
रायपुर। भाजपा बस्तर संभाग प्रभारी एवं सांसद संतोष पांडेय ने आज भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि रावघाट परियोजना पर कार्य जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए केंद्रीय रेल मंत्रालय ने आश्वस्त किया है।
श्री पांडेय ने कहा कि कनेक्टिविटी से ही सब प्रकार का विकास संभव है। इसलिए बस्तर में जो रुके हुए काम हैं, वह पूर्ण हों, इस दिशा में भाजपा ने रेलमंत्री को अवगत कराया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस विषय को गंभीरता से लिया। सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के महामंत्री केदार कश्यप और मेरी संभाग के प्रभारी होने के नाते रेल मंत्री के साथ भेंट में लंबी चर्चा हुई। रेल मंत्री ने वहां की संभावनाओं को देखते हुए रावघाट रेल परियोजना को पूरा करने के लिए आश्वासन ही नहीं, बल्कि सीधा-सीधा आदेश दिया। मुझे बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है रावघाट परियोजना के शेष 140 किलोमीटर कार्य की जल्द ही शुरुआत होगी। अब दोनों तरफ से काम चालू होगा, जगदलपुर से भी चालू होगा रावघाट से भी चालू होगा। और, उसके डीपीआर में (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) हर प्रकार की जानकारी है कि लाइन में कितने ब्रिज होंगे, स्टेशन कितने होंगे, सुविधाएं क्या-क्या होगी, उसके लिए खर्च किस प्रकार से होंगे। इसकी पूरी जानकारी जुलाई में तैयार हो जाएगी और उसके बाद तुरंत काम होगा।
अर्थव्यवस्था में रेलवे की बहुत बड़ी भूमिका
श्री पांडेय ने कहा कि यह सभी बस्तर वासियों के लिए बहुत ही लाभदायक होगा। कनेक्टिविटी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है और अर्थव्यवस्था में रेलवे की बहुत बड़ी भूमिका होती है। आज हाई स्पीड ट्रेल चल रही है। वंदे भारत एक्सप्रेस प्रारंभ हो चुका है। गरीब भी रेलवे में यात्रा सहजता से करेगा। वेटिंग लिस्ट की समस्या खत्म होगी। ऑन डिमांड सीट मिलेगी। सिंगल लाइन थी वहां डबल लाइन किया गया है जहां डबल लाइन था वहां ट्रिपल लाइन किया गया है। हाई स्पीड ट्रेन अपनी गति के साथ दौड़ सके, निश्चित समय में पहुंच सके, इसकी भी व्यवस्था की जा रही है।
पुरानी लाइन का हाेगा सर्वे
रावघाट परियोजना के साथ-साथ एक अन्य सौगात पुरानी रेलवे लाइन जो धमतरी से लेकर कोंडागांव तक था जिसे द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उखाड़ दिया गया था इस लाइन में ब्राडगेज के लिए सर्वे के लिए आदेश दिया है। उसमें सर्वे होगा और भविष्य में भी उसमें भी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इससे केवल यात्रियों को ही नहीं खनिज संसाधनों के भी यातायात में सुविधा होगा।



