शहीद जवानों के बलिदान से बस्तर में लौटी शांति, विकास को मिली रफ्तार: CM साय - realtimes
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शहीद जवानों के बलिदान से बस्तर में लौटी शांति, विकास को मिली रफ्तार: CM साय

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान; DGP बोले- नक्सल विरोधी अभियान में एक साल में 84 नक्सली मारे गए, 6 जवान शहीद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बन रहा है। बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित परेड में मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया।

सीएम साय ने कहा कि शहीद जवानों का त्याग विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। अब बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।

शहीद परिवारों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है। जवानों के बलिदान के पीछे उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अब सरकार का लक्ष्य बस्तर में शांति को स्थायी बनाना और विकास की गति तेज करना है।

एक साल में 84 नक्सली मारे गए, 6 जवान शहीद

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इस अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए।

डीजीपी ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की चुनौती से जूझता रहा है। पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने शहीद परिवारों को पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की।

21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों का सामना करते हुए शहीद हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है। यह दिन देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों को समर्पित है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन मौजूद रहे।

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