100 नहीं, अब मिलेंगे 125 दिन काम: आज से लागू हुआ नया ग्रामीण रोजगार कानून, बढ़ी मजदूरी - realtimes
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100 नहीं, अब मिलेंगे 125 दिन काम: आज से लागू हुआ नया ग्रामीण रोजगार कानून, बढ़ी मजदूरी

नई दिल्ली। देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही मजदूरी की दर भी बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना, लोगों की आय मजबूत करना और गांवों में विकास कार्यों को गति देना है।

दैनिक मजदूरी में भी हुई बढ़ोतरी

नई व्यवस्था के तहत देशभर में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दी गई है। यानी मजदूरों को औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन अधिक मिलेंगे। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये जारी किए हैं, ताकि मजदूरी का भुगतान समय पर हो और विकास कार्य प्रभावित न हों।

आज होगा राष्ट्रीय शुभारंभ

इस योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे। साथ ही लोगों को नई योजना की पूरी जानकारी भी दी जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पुराने जॉब कार्ड से भी मिलेगा काम

जिन लोगों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, वे नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉब कार्ड से ही काम कर सकेंगे। इससे लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

ग्राम पंचायतों की भूमिका रहेगी अहम

नई व्यवस्था में भी ग्राम पंचायतें पहले की तरह कामों का चयन करेंगी और उनकी निगरानी करेंगी। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, खेती, ग्रामीण सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण के साथ महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च

सामान्य राज्यों में योजना का 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार उठाएगी। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।

खेती के मौसम में रहेगा विशेष प्रावधान

कानून में यह भी व्यवस्था की गई है कि बुवाई और कटाई जैसे व्यस्त कृषि मौसम के दौरान राज्य सरकारें अधिकतम 60 दिन तक योजना के तहत मिलने वाले कार्यों को सीमित कर सकती हैं। इससे खेती के कार्यों पर असर नहीं पड़ेगा।

पुरानी योजना की जगह नई व्यवस्था

यह नया कानून पहले चल रही ग्रामीण रोजगार योजना की जगह लागू किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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