New Parliament: धर्मगुरुओं का उद्घाटन समारोह में बड़ा संदेश, कहा- “धर्म गुरु से पहले हम भारतीय हैं”

New Parliament: आज देश को अपना नया संसद भवन मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक ‘सेंगोल’ को नए संसद भवन में स्थापित किया है। ‘सेंगोल’ लोकसभा स्पीकर के आसन के पास रखा गया है। नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने निर्माण कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर 75 रुपये का विशेष सिक्का भी जारी किया। नई दिल्ली में बना नया संसद भवन पुरानी इमारत के ठीक बगल में स्थित है। वहीं, तमिलनाडु के अलग-अलग मठों से आए धर्मगुरुओं ने हवन-पूजा की। उद्घाटन के बाद नए संसद में सर्वधर्म सभा आयोजित हुई। इस सभा में बौद्ध, जैन, पारसी, सिख और अन्य धर्मों के गुरुजन ने अपनी प्रार्थनाएं की।
यहूदी रब्बी एजेकील इसहाक मालेकर ने उद्घाटन के अवसर पर यह कहा कि आज हमने विविधता में एकता का संदेश दिया है। उन्होंने धर्म गुरु होने के बावजूद यह दर्शाया कि हम पहले भारतीय नागरिक हैं और इसलिए हमें अपने देश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे दो वर्षों से भारत में रह रहे हैं और यहां उन्हें कभी छल कपट का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत यहूदी लोगों के लिए एक ऐसा देश है, जहां उन्हें सम्मान मिलता है। उन्होंने धर्म और राजनीति को अलग रखने की भी बात कही।
सिख गुरु बलबीर सिंह ने राजनीति से अपने को दूर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
उद्घाटन समारोह के दौरान जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने कहा कि जब नए संसद में ‘धर्म दंड’ स्थापित किया गया तो हमने एक ऐतिहासिक क्षण देखा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया क्योंकि उन्होंने धर्म दंड को बड़े आदर के साथ स्थापित किया। सभी धर्मों की प्रार्थनाएं भी हुईं।
जसबीर कौर ने कहा कि नया संसद भवन परिवर्तन का प्रतीक है और यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। वह कहती हैं कि हर भारतीय को एकजुट रहना चाहिए।
इस प्रकार, उपस्थित धर्मगुरुओं ने एकता और सामरिकता के संकेत के रूप में उद्घाटन समारोह में अपने विचार व्यक्त किए और भारतीय लोगों को एकजुट रहने का संदेश दिया।



