झारखंड सरकार का बड़ा ऐलान, TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द

रांची। झारखंड में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद सरकार ने TDPL की ओर से कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अभी भी पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
24 दिन से आंदोलन कर रहे थे छात्र
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र पिछले 24 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे थे। छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट मंत्रियों के साथ आपात बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने सरकार के फैसलों की जानकारी दी।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का ऐलान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कड़े कानून बनाए जाएंगे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक रिफॉर्म कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है।
SOP के पालन में हुई कमी पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन के लिए पहले से SOP यानी मानक प्रक्रिया तय है। अगर इसका सही तरीके से पालन किया जाता तो ऐसी गड़बड़ियां नहीं होतीं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के दौरान मौजूदा SOP में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। सरकार पारदर्शिता के साथ पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम करेगी।
छात्रों की CBI जांच की मांग बरकरार
सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बावजूद आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। छात्र पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं है। वे कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर रहे हैं।
MMDR एक्ट में बदलाव पर भी बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से MMDR एक्ट में किए गए संशोधनों पर जल्द बैठक की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि परीक्षा सुधार और अन्य नीतिगत मामलों में आगे की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।



