JPSC-JSSC आंदोलन में क्या होगा अगला कदम?

रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बीच छात्र नेता प्रेम नायक की भूख हड़ताल 14वें दिन पहुंच गई है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उन्होंने अपनी हालत गंभीर बताते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
बिगड़ती तबीयत के बीच आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रेम नायक ने कहा कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह ज्यादा दिनों तक जीवित रह पाएंगे। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन से पीछे हटने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह झारखंड और देश के लिए आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे।
भूख हड़ताल के 14वें दिन प्रेम नायक ने कहा कि उनकी स्थिति गंभीर है, लेकिन वह अपनी मांगों के लिए पीछे हटने के बजाय संघर्ष जारी रखना पसंद करेंगे।
सरकार पर बातचीत को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप
प्रेम नायक ने सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बातचीत के मुद्दे को एक जगह से दूसरी जगह घुमाया जा रहा है और छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की। उनका कहना है कि छात्रों की मांगों को केवल मंत्रियों के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
छात्रों के बढ़ते आक्रोश की दी चेतावनी
छात्र नेता ने आंदोलन के दौरान छात्रों में बढ़ते गुस्से का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है और यह कभी भी बड़े रूप में सामने आ सकता है। उन्होंने सरकार से समय रहते छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
24वें दिन भी जारी है छात्रों का धरना
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्र JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में अनियमितताओं की CBI जांच, संबंधित परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है।
अब 14वें दिन की भूख हड़ताल और 24वें दिन के धरने के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत तथा समाधान की दिशा पर नजर है। 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर भी आंदोलन की अगली रणनीति अहम होगी।



