
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज फिर ईडी के सामने अपना बयान दर्ज कराएंगी। वहीं सोनिया गांधी के समर्थन में कांग्रेस सत्याग्रह कर अपना विरोध दर्ज कराएगी। इसको लेकर कांग्रेस महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और सांसदों की बैठक हुई, जिसमें ये तय किया गया कि, कांग्रेस पार्टी मुख्यालय से लेकर संसद के अंदर तक शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह करेगी।
कांग्रेस पार्टी ने बताया कि बैठक में सभी नेताओं के सुझाव लिए गए, पहले हमारा प्रयास था कि, राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना करेंगे, लेकिन उसकी अनुमति दिल्ली पुलिस की ओर से नहीं मिली। इसके बाद कांग्रेस मुख्यालय में शांतिपूर्ण धरना होगा और संसद में इस मुद्दे को हमारे नेता उठाएंगे।
आपको बता दें, राजघाट के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस को एक खत भी लिखा था, जिसमें राजघाट के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर इजाजत मांगी गई, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी हैं। इसे लेकर एक बार फिर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हमसे राजघाट के पास 3 विकल्प पुछे थे जो हमने उनको बताए, जिसका कुछ फायदा नहीं हुआ। कांग्रेस का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। विपक्ष की आवाज को दबा रही है सरकार।
वहीं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि गांधी जी की तस्वीर को सामने रख आंदोलन करने की इजाजत दुनिया में सबको मिलती है। लेकिन जिस देश ने गांधी जी को जन्म दिया, उस देश के लोगों को इजाजत नहीं है। हम अहिंसा के राह को अपनाते हुए आंदोलन करना चाहते थे लेकिन सरकार ने हमें इसकी भी इजाजत नहीं दी।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)



