CRPF जवान को छुड़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या - realtimes
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CRPF जवान को छुड़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या

पत्रकार मुकेश चंद्राकर के 1 जनवरी की रात से अपने घर से लापता होने के संदर्भ में उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर से बड़ी खबर आई है। एक जनवरी से लापता पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर के स्थानीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव आज उनके ही एक रिश्तेदार की ज़मीन पर बने सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर के 1 जनवरी की रात से अपने घर से लापता थे। इस संदर्भ में उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने थाने में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

इसी सिलसिले में पुलिस टीम गठित कर पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान आज 3 जनवरी की शाम को बीजापुर के चट्टानपारा बस्ती में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में एक टंकी के अंदर से उनकी शव बरामद की गई है।

 

मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई यूकेश चंद्राकर भी पत्रकार हैं और उन्होंने ही सबसे पहले 1 जनवरी को अपने भाई के गुमशुदा होने की शिकायत की थी। यूकेश ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी भाई की गुमशुदगी से संबंधित जानकारी और मदद के लिए अपील की थी।

मुकेश चंद्राकर कई राष्ट्रीय मीडिया चैनल्स के साथ सहयोगी पत्रकार की भूमिका निभा चुके हैं और अपना एक यूट्यूब चैनल भी चलाते थे। स्थानीय पत्रकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, कुछ ही दिनों पहले मुकेश ने बस्तर के माओवादी इलाकों में खराब रोड निर्माण को लेकर खबर की थी जिसके चलते रोड के ठेकेदार के ऊपर सरकार ने जांच बैठाई थी।

पत्रकारों का यह अंदेशा है कि मुकेश की हत्या में इस खबर को करने और उसके बाद के घटनाक्रम का बड़ा हाथ है। इस घटना के बाद राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि साल 2021 में नक्सलियों के चंगुल से CRPF जवान को छुड़ाने में चंद्राकर ने अहम भूमिका निभाई थी।

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