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नवरात्रि, धनतेरस पर चाहिए कार ताे अभी से करनी हाेगी बुकिंग

रायपुर(realtimes) इस बार गणेश चतुर्थी में जमकर वाहन बिके हैं, लेकिन कारों के लिए भारी मारामारी रही, क्येंकि जिन लाेगाें ने पहले से इसकी बुकिंग कराई थी, उनकाे ही कारें मिल सकी है। ऐसे में अब अगर आप नवरात्रि या फिर धनतेरस में अपनी मनपसंद कार लेना चाहते हैं ताे अभी से इसके लिए तैयारी कर लें और जिस कार की आपको दरकार है, उसके शाेरूम में जाकर बुंकिग करा लें। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे ताे आपको तय समय पर कार मिलने से रही। ऐसा इसलिए हैं क्याेंकि पिछले दो साल से कोई भी कार आन डिमांड नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि आज भी महिंद्रा एंड महिंद्रा की थार 6 से 8 माह बाद ही मिल रही है। इसी के साथ महिंद्रा एंड महिंद्रा के नए मॉडल एक्सयूवी 700 के लिए डेढ़ साल तक की वेटिंग हैं। इसके पीछे का कारण वही पुराना सेमीकंडक्टर का संकट है। हालांकि अब कारों की सप्लाई थोड़ी बढ़ी जरूर है।

रूस-यूक्रेन दोनों ही देश बड़ी मात्रा में चिप के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। पैलेडियम और नियॉन दोनों का ही उपयोग चिप बनाने के लिए कच्चे माल की तरह किया जाता है, जिसमें से दुनियाभर में पैलेडियम 44 प्रतिशत रूस से और 70 प्रतिशत नियॉन यूक्रेन से आता है। इस चिप का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, मोबाइल फोन और कांसुमेर इलेक्ट्रॉनिक जैसे अन्य सामानों के निर्माण में किया जाता है। दोनों देशों के बीच युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर चिप की किल्लत लगातार बनी हुई है।

सेमीकंडक्टर के बिना कारों की कल्पना नहीं

आजकल जो भी कारें बन रही हैं, वो सब बीएस-6 बन रही हैं। इसमें हाईटेक फीचर रहते हैं। इनके लिए सेमीकंडक्टर जरूरी होता है। सेमीकंडक्टर का मतलब अर्धचालक होता है और इसका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने में किया जाता है। सेमीकंडक्टर असल में सिलिकॉन से बनाए जाते हैं, जो चिप फॉर्म में होते हैं। मौजूदा समय में जितनी भी कारें बाजार में आ रही हैं, उन सभी में सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इनका इस्तेमाल करंट को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इनके बगैर मौजूदा कारों की कल्पना करना बेकार है, क्योंकि ये न हों तो कार के हाईटेक फीचर्स को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कारों को चलता-फिरता कंप्यूटर बनाने में सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका है।

इन मॉडल्स के लिए लंबा इंतजार

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में शुमार महिंद्रा एंड महिंद्रा की एक्सयूवी इस इस लिस्ट में नंबर एक पर है। इस कार के लिए एक से डेढ़ साल तक की वेटिंग है। इसको कोई अभी बुक कराएगा तो अगले साल अगर संभव हुई तो अगस्त या फिर अक्टूबर तक की यह मिल पाएगी। इसी के साथ इसी कंपनी की थार की लंबी वेटिंग पिछले दो सालों से बनी हुई है। स्वदेशी वाहन निर्माता की सेकेंड जनरेशन थार को भारत में दो साल पहले 2020 में लांच किया गया था, तब से ही इसके चाहने वाले बेहद बढ़ गए हैं। प्रदेश के वाहन डीलरों का कहना है, छत्तीसगढ़ में 6 से 8 माह पहले इसके मिलने की संभावना नहीं है। इसके अलावा होंडा की क्रेटा कार, निशान की मैग्नाइट, मारुति की अर्टिगा कार में पहले जाे वेटिंग तीन से चार माह की है। इसी के साथ महिंद्रा की बोलेरो, स्कार्पियो और मारुति के रनिंग मॉडलों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। किसी भी कंपनी का कोई भी ऐसा मॉडल नहीं है, जो ऑन डिमांड मिल जाए। टाटा की कारों में तीन से दो से तीन माह की वेटिंग है।

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