ख़ास ख़बर: भूपेश सरकार ने हर बिजली उपभोक्ता की जेब में डाले 8 से 30 हजार रुपए  - realtimes
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ख़ास ख़बर: भूपेश सरकार ने हर बिजली उपभोक्ता की जेब में डाले 8 से 30 हजार रुपए 

रायपुर(realtimes) प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यूं ही नहीं कहते हैं कि हम आम जनता की जेब में पैसे डालने का काम करते हैं। एक बड़ा उदाहरण हैं प्रदेश के बिजली उपभाेक्ता। बिजली बिल  हॉफ याेजना में राज्य सरकार ने तीन साल में हर उपभोक्ता की जेब में आठ हजार से लेकर 30 हजार तक डालने का काम किया है। अब इसकी जानकारी भी उपभोक्ताओं काे पर्ची बांटकर दी जा रही है। अब तक सरकार ने जताने का काम नहीं किया था, लेकिन जिस तरह से विपक्ष लगातार आराेप लगाते रहा है, उसके जवाब में एक तरह से यह सरकार का जवाबी हमला ही है।

प्रदेश में जिन बिजली उपभोक्ताओं की खपत चार सौ यूनिट की है, उनको हर माह 958 रुपए की छूट प्रदेश सरकार दे रही है। पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली बिल हॉफ याेजना में अब तक उपभोक्ताओं को मिली छूट की जानकारी देकर इस माह के बिल के साथ पर्ची बांटना प्रारंभ किया गया है। इसमें बताया जा रहा है कि किस उपभोक्ता को कितनी छूट मिली है। हर माह चार सौ यूनिट तक खपत करने वालों को तीन साल में तीस हजार रुपए तक की छूट प्रदेश की भूपेश सरकार ने दी है। तीन साल में प्रदेश सरकार योजना में दस हजार करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुकी है।

वादा निभाया

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2019 से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देना प्रारंभ किया। इस योजना में 400 यूनिट तक हर वर्ग के उपभोक्ताओं का बिजली बिल हॉफ किया जा रहा है। इस योजना को लागू करते समय ही प्रदेश सरकार ने इस बात का उल्लेख कर दिया था कि जिनका किसी भी तरह का बिजली बिल बकाया होगा, उनको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बाद में दो माह से ज्यादा बकाया जमा न करने वालों को योजना से वंचित किया गया। ऐसे में किसी कारणवश एक माह का बिल जमा न कर पाने वालों को भी योजना का लाभ मिलता है।

पर्ची में दे रहे जानकारी

अब तक किस उपभोक्ता को कितना लाभ मिल चुका है इसकी जानकारी देने के लिए पॉवर कंपनी ने एक पर्ची बनवाई है। इस पर्ची को मीटर रीडरों काे दिया गया है। ये रीडर जहां भी रीडिंग लेने जा रहे हैं, वहां पर उपभोक्ता का नाम, बीपी नंबर लिखकर इस माह मिलने वाली छूट के साथ अब तक मिली छूट की जानकारी लिखकर दे रहे हैं। जो उपभोक्ता लगातार हर माह चार सौ यूनिट तक खपत कर रहे हैं, उसको एक साल में करीब 11 हजार रुपए तक की छूट मिल रही है। पहले टैरिफ कम होने से शुरू के दो सालों में 9 से 10 हजार तक की छूट मिली। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को तीन साल में 30 हजार तक की छूट मिली है। जिनकी खपत कम है, उनको कम छूट मिल रही है। सौ यूनिट की खपत करने वालों को हर माह करीब दो सौ रुपए की छूट मिल रही है। दो सौ यूनिट खपत करने वालों को चार सौ रुपए और तीन सौ यूनिट तक खपत करने वालों को सात सौ रुपए के आस-पास हर माह छूट मिल रही है।

सरकार ने दिए दस हजार करोड़

साल दर साल जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा होते गया, सब्सिडी भी बढ़ती चली गई। पहले साल 19-20 में 43 लाख उपभोक्ताओं को 3434 करोड़ की सब्सिडी दी गई। इसके बाद कोरोना के कारण 20-21 में उपभोक्ता 38 लाख 59 हजार हुए तो सब्सिडी कम होकर 3085 करोड़ हो गई। लेकिन इसके बाद 21-22 में उपभोक्तओं की संख्या 44 लाख 80 हजार हो गई तो सब्सिडी रिकाॅर्डतोड़ 3963 हजार हो गई। तीन साल में प्रदेश सरकार ने 10 हजार 482 करोड़ की सब्सिडी दी है। नए सत्र 22-23 में उपभोक्ताओं की संख्या में और इजाफा होने के साथ ही सब्सिडी के भी चार हजार करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है।

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